Interim Budget 2024: हमने 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव और इस मौके पर दिवाली जैसी खुशियां देखी। अब निगाहें वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पर हैं। लोग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) से टैक्स में थोड़ी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। लोकसभा के चुनाव अप्रैल-मई में होने वाले हैं। इसलिए 1 फरवरी को अंतरिम बजट (Interim Budget) पेश होगा। अंतरिम बजट सरकार के आय और व्यय को चुनाव के बाद नई सरकार के कामकाज संभालने तक के लिए एक अस्थायी उपाय है। उसके बाद, नई चुनी गई सरकार पूरे वित्त वर्ष के लिए पूर्ण बजट पेश करेगी।
अंतरिम बजट 2024 में हो सकते हैं पिछले अंतरिम बजट जैसे ऐलान
मोदी सरकार ने इससे पहले 2019 में अंतरिम बजट पेश किया था। उसे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया था। अंतरिम होने के बावजूद, उन्होंने किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर्स के लिए राहत के उपाय किए थे। अंतरिम बजट में सेक्शन 87A की सीमा को 5 लाख तक बढ़ाने के प्रस्ताव, दो सेल्फ ऑक्युपायड रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी रखने की छूट, बैंक और पोस्ट ऑफिस खातों पर टीडीएस की सीमा में वृद्धि, सेक्शन 54 के तहत कैपिटल गेन में वृद्धि, स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि और पीएम किसान सम्मान निधि सहित कई बड़े ऐलान शामिल थे।
टैक्सपेयर्स राहत मिलने की कर रहें उम्मीद
हाल में हुए 5 राज्यों के चुनावों में शानदार जीत और राम मंदिर के उद्घाटन से भाजपा इस समय मजबूत लग रही है। अब सवाल यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्या टैक्स में राहत देंगी या सरकार की मजबूत स्थिति को ध्यान में रखते हुए कुछ कठोर कदम उठाएंगी?
टैक्सपेयर्स लंबे समय से निम्नलिखित मांग करते आ रहे हैं:
- सैलरीड टैक्सपेयर्स स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि चाहते हैं। स्टैंडर्ड डिडक्शन, 2018 में नौकरीपेशा लोगों के लिए आयकर को सरल बनाने के उपाय के रूप में शुरू किया गया था। अभी यह 50,000 रुपये है।
- सीनियर सिटीजन्स ज्यादा टैक्स एग्जेम्प्शंस, टैक्स रिटर्न भरने से छूट और सेक्शन 80D के तहत ज्यादा डिडक्शन चाहते हैं
- इनवेस्टर्स निवेश पर टैक्स में राहत चाहते हैं, विशेष रूप से कैपिटल गेन पर, और लम्बे समय से सिक्योरिटीज ट्रांसक्शन टैक्स को हटाने की मांग कर रहे हैं। उन्हें विभिन्न प्रकार के निवेशों जैसे -फ्यूचर एंड ऑप्शन और डे ट्रेडिंग के लिए टैक्स नियमों में सरलता चाहिए।
- घर खरीदार भी सेक्शन 24b के तहत इंटरेस्ट पर डिडक्शन की सीमा में वृद्धि चाहते हैं। रियल एस्टेट मार्केट में बहुत से शहरों में प्रॉपर्टी के दाम लगातार बढ़े हैं, इसके साथ ही होम लोन पर इंटरेस्ट रेट भी बढ़े हैं। दोनों का असर घर खरीदारों पर पड़ा है।
राम राज्य का मतलब उस दौर से है, जब श्री राम ने अयोध्या में राज्य किया था। इसे भारत के इतिहास का सबसे अच्छा समय माना जाता है। यह समय था जब श्री राम ने नागरिकों के हित को सबसे ऊपर रखा था। अब यह देखना होगा कि वित्त मंत्री टैक्स पेयर्स को राहत प्रदान करेंगी या फिर उनके ऊपर टैक्स का और बोझ डालेंगी।
(अभिषेक अनेजा, चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वह इनकम टैक्स और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट हैं।)