Parliament Budget Session 2024: संसद का बजट सत्र आज यानी बुधवार (31 जनवरी) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा। वर्तमान लोकसभा का यह आखिरी सत्र है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले 1 फरवरी को अंतरिम बजट (interim budget) पेश करेंगी। नई सरकार कार्यभार संभालने के बाद पूर्ण बजट पेश करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बुधवार को संसद सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष से सहयोग की अपील की।
बजट सत्र से पहले PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "साथियों इस नए संसद भवन में जो पहला सत्र हुआ था उसके आखिर में इस संसद ने एक बहुत ही गरिमापूर्ण फैसला लिया था, जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम था। उसके बाद 26 जनवरी को भी हमने देखा किस प्रकार से देश ने कर्तव्य पथ पर नारी शक्ति के सामर्थ्य-शौर्य को अनुभव किया और आज बजट सत्र का आरंभ हो रहा है तब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मार्गदर्शन और कल निर्मला सीतारमण द्वारा अंतरिम बजट, एक प्रकार से नारी शक्ति के साक्षात्कार का पर्व है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जब चुनाव का समय निकट होता है तब पूर्ण बजट नहीं रखा जाता है, हम भी उसी परंपरा का पालन करते हुए नई सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट आएंगे। इस बार दिशा-निर्देशक बातें लेकर देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल हम सबके सामने बजट पेश करने वाली हैं। मुझे विश्वास है कि देश नित्य प्रगति की नई-नई ऊंचाइयों को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है।"
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आशा करता हूं कि गत 10 वर्ष में जिसको जो रास्ता सुझा उस प्रकार से संसद में सब ने अपना अपना कार्य किया। जिनको आदतन हुड़दंग करने का स्वभाव बन गया है। जो आदतन लोकतांत्रिक मूल्यों का चीरहरण करते हैं, ऐसे सभी सांसद आत्मनिरीक्षण करें कि 10 साल में उन्होंने जो किया, अपने संसदीय क्षेत्र में भी 100 लोगों से पूछ लें किसी को याद नहीं होगा। किसी को नाम भी पता नहीं होगा...लेकिन जिसने सदन में उत्तम विचारों से संसद को लाभान्वित किया होगा, उन्हें एक बहुत बड़ा वर्ग आज भी याद करता होगा, इसकी सराहना करते होंगे।
विपक्ष के 14 सदस्यों का निलंबन रद्द
विपक्ष के 14 निलंबित सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया है। अब वे बुधवार से शुरू हो रहे बजट सत्र में भाग ले सकेंगे। इन्हें शीतकालीन सत्र के दौरान निलंबित करने के साथ ही उनके मामले को विशेषाधिकार समितियों के पास भेज दिया गया था। जिन विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द हुआ है उनमें 11 राज्यसभा और तीन लोकसभा के हैं। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने 11 विपक्षी सदस्यों के निलंबन रद्द करने का फैसला किया। हालांकि सदन की विशेषाधिकार समिति ने इन्हें विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का दोषी ठहराया था।
राज्यसभा के जिन सदस्यों का निलंबन रद्द हुआ है उनमें जेबी मैथर हिशाम, एल हनुमंतैया, नीरज डांगी, राजमणि पटेल, कुमार केतकर, जी सी चंद्रशेखर, विनय विश्वम, संतोष कुमार पी, एम मोहम्मद अब्दुल्ला, जॉन ब्रिटास और ए ए रहीम शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी तीन सदस्यों अब्दुल खालिक, के. जयकुमार और विजय वसंत का निलंबन रद्द किया। ये तीनों कांग्रेस के सदस्य हैं।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा था कि इन सांसदों के संदर्भ में सरकार के आग्रह पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सहमति जताई है। दोनों सदनों में कुल 146 विपक्षी सांसदों का निलंबन हुआ था। इनमें से 100 लोकसभा सदस्य और 46 राज्यसभा सदस्य शामिल थे। इनमें 132 सांसदों का निलंबन शीतकालीन सत्र के लिए था, लेकिन 14 सांसदों के मामलों को दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों के पास भेज दिया गया था।