Union Budget 2023: वित्त वर्ष 2023-24 का बजट तैयार करने की प्रक्रिया जोरशोर से जारी है। वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। हर साल फाइनेंस मिनिस्टर लोकसभा में बजट प्रपोजल (budget proposal) पेश करता है। इसमें सरकार के अगले वित्त वर्ष के रेवेन्यू और एक्सपेंडिचर का अनुमान शामिल होता है। बजट प्रस्तावों पर संसद के दोनों सत्रों लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा होती है। टैक्स में बदलाव से जुड़े फाइनेंस बिल (finance bill) पर भी इस दौरान चर्चा होती है।
हर साल अक्बटूबर-नवंबर में बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। सरकार के अलग-अलग मंत्रालय फंड की अपनी जरूरतों के बारे में वित्त मंत्रालय को बताते हैं। वित्त मंत्रालय अन्य सरकारी विभागों और एजेंसियों के साथ भी परामर्श करता है। वित्त मंत्रालय सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं, मौजूदा आर्थिक हालात देश के वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार करता है।
दूसरा स्टेप बजट के प्रस्तुतीकरण से जुड़ा है। Finance Minister लोकसभा में बजट पेश करता है। फिर इस पर संसद में चर्चा और बहस होगी। इसके बाद लोकसभा में बजट पारित होता है। फिर इसे मंजूरी के लिए राज्यसभा में भेजा जाता है।
तीसरा स्टेप है फंड्स का एलोकेशन। बजट पारित होने पर सरकार एजुकेशन, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर जैसे विभिन्न सेक्टरों को फंड का आवंटन करती है। बजट में सरकार की विभिन्न स्कीम्स और कार्यक्रमों के लिए फंड के एलोकेशन का खाका खींचा जाता है।
चौथा स्टेप बजट को अमल में लाने का है। बजट के पास होने के बाद सरकार बजट के हिसाब से विभिन्न स्कीम्स और कार्यक्रमों को लागू करना शुरू करती है। इसमें विभिन्न विभागों और एजेंसियों को फंड का आवंटन और टैक्स में हुए बदलावों आदि ऐलानों को लागू करना शामिल है।