Budget 2024 : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिसर्च टीम को सरकार का खर्च 7.3 फीसदी फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट (Interim Budget) होगा, क्योंकि अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। एसबीआई की रिसर्च टीम के अनुमान के हिसाब से केंद्र सरकार का बजट 48.9 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। इस वित्त वर्ष के लिए केंद्र सरकार का बजट 45-46 लाख करोड़ रुपये का था। इस अनुमान में यह भी कहा गया है कि सरकार अपने सब्सिडी खर्च को 3.8 लाख करोड़ रुपये रखेगी। यह इस वित्त वर्ष के 3.92 लाख करोड़ रुपये के सब्सिडी खर्च से थोड़ा सा कम है। एसबीआई की इस रिपोर्ट को ग्रुप के चीफ इकोनॉमिस्ट सौम्य कांति घोष की लीडरशिप में तैयार किया गया है। इसमें सरकार के पूंजीगत खर्च में भी एक साल पहले के मुकाबले कम वृद्धि का अनुमान जताया गया है।
बजट 2024 में पूंजीगत खर्च 15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद
इस रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च का टारगेट 15 फीसदी बढ़ा सकती है। पिछले साल पेश बजट में सरकार ने पूंजीगत खर्च में 33.7 फीसदी वृद्धि की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि टैक्स कलेक्शन सरकार के अपने अनुमान से 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा रह सकता है। इस साल के रिवाइज्ड एस्टिमेट से टैक्स कलेक्शन 10.5 फीसदी ज्यादा रह सकता है। अगले वित्त वर्ष में सरकार का नेट टैक्स कलेक्शन 26.52 लाख करोड़ रुपये रह सकता है।
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अगले वित्त वर्ष में सुस्त पड़ सकती है आर्थिक ग्रोथ
एसबीआई की रिपोर्ट में जीडीपी ग्रोथ में सुस्ती का अनुमान जताया गया है। उसने अगले वित्त वर्ष में रियल जीडीपी ग्रोथ 6.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। यह इस वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 7.3 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ से कम है। नॉमिनगल जीडीपी ग्रोथ 11 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। इससे जीडीपी 329 लाख करोड़ रुपये पहुंच जाएगी। फिस्कल डेफिसिट में मामूली वृद्धि का अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में फिस्कल डेफिसिट 18 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है। इस वित्त वर्ष में फिस्कल डेफिसिट 17.86 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। हालांकि, जीडीपी के फीसदी के रूप में फिस्कल डेफिसिट घटकर 5.5 फीसदी पर आ जाएगा। इस वित्त वर्ष में इसके 5.9 फीसदी रहने का अनुमान है।