सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (CBIC) ने एक विशेष अभियान में 15,000 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों (Input Tax Credit Claims) का पता लगाया है। CBIC के चेयरमैन विवेक जौहरी ने शुक्रवार 16 जून को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि CBIC ने यह विशेष अभियान फर्जी संस्थाओं की पहचान करने के लिए चलाया है। उन्होंने कहा, "जीएसटी के तहत फर्जी आईटीसी मामलों को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया है। इसके तहत करीब ऐसे 60,000 संस्थाओं की पहचान की गई है, जिनका फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा।" विवेक जौहरी ने सीआईआई की ओर से आयोजित एक क्रार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए ये जानकारी दी।
उन्होंने आगे बताया, "अब तक, 43,000 संस्थाओं का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा चुका है। इसमें से करीब 10,000 संस्थाएं फर्जी और सिर्फ कागज पर मौजूद पाई गईं। इन संस्थाओं ने इनपुट टैक्स क्रेडिट के तहत 15,000 करोड़ रुपये का दावा किया था।"
CBIC चेयरमैन ने कहा, "जीएसटी अभियान के तहत फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद 43,000 में से 10,000 संस्थाएं फर्जी पाए गए। इन 10,000 संस्थाओं ने मिलकर कुल करीब 15,000 करोड़ के फर्जी आईटीसी का दावा किया था।"
बता दें कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक आगामी 11 जुलाई को नई दिल्ली में होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में काउंसिल फर्जी आईटीसी दावों के मुद्दे को हल करने के उपायों पर भी विचार करेगी।
विवेक जौहरी ने संवाददाताओं से कहा, "हम टैक्स चोरी रोकने के लिए कुछ अन्य उपायों पर विचार कर रहे हैं और उन्हें कानून समिति और जीएसटी परिषद की उचित प्रक्रिया के जरिए अमल में लाया जाएगा।”