दीपक फर्टिलाइजर्स (Deepak Fertilisers) ने गुरुवार 15 दिसंबर अपने माइनिंग केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स बिजनेस को अलग करने का ऐलान किया। कंपनी ने बताया कि इससे उसे अधिक केंद्रित लीडरशिप देने, कंपनी स्ट्रक्चर को सरल बनाने और ग्रोथ की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद करेगा। कंपनी ने बताया कि कंपनी रणनीति के तहत कमोडिटी से स्पेशियलिटी पर फोकस कर रही है और यह रिस्ट्रक्चरिंग इसी के मुताबिक किया जाएगा। दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (DFPCL) की पूर्ण सब्सिडियरी वाली कंपनी, स्मार्टकेम टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (STL) के बोर्ड ने 14 दिसंबर को हुई बैठक में अपनी कंपनियों के कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग की मंजूरी दी।
इस रिस्ट्रक्चरिंग के तहत, टैन बिजनेस (माइनिंग बिजनेस) का STL से डीमर्जर करके दीपक माइनिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (DMSPL) बनाया जाएगा, जो दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (DFPCL) की पूर्ण सब्सिडियरी होगी। साथ ही महाधन फार्म टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (MFTPL) का STL में मर्जर किया जाएगा, जो इसी की पूर्ण सब्सिडियरी कंपनी है।
कंपनी के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेष सी मेहता ने कहा, "प्रस्तावित कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग से कंपनी को DFPCL ब्रांड के तहत बड़े और स्वतंत्र बिजनेस प्लेटफॉर्म्स बनाने में काफी मदद करेगा, जिससे समय के साथ हितधारकों के मूल्य में वृद्धि होगी।
मेहता ने बताया कि DFPCL ग्रुप की रणनीति मुख्य रूप से उत्पादन, लागत को कम करने, क्षमता का बेहतर इस्तेमाल और दक्षता में सुधार ध्यान केंद्रित करना था।
दीपक फर्टिलाइजर्स के शेयर इस साल 101% बढ़े
इस बीच दीपक फर्टिलाइजर्स के शेयर आज 15 दिसंबर को 0.78% मजबूत होकर 810.15 रुपये के भाव पर बंद हुए। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में करीब 1.39% फीसदी की गिरावट आई। हालांकि इस साल की शुरुआत से अब तक इसने अपने निवेशकों को 100.95% फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।