मुंबई के धारावी की झुग्गियों को फिर से बसाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (DRPPL) ने अपना नाम बदल लिया है। अब इसका नया नाम नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (NMDPL) है। कंपनी अपने आधुनिक, समावेशी और जीवंत समुदाय के निर्माण के वादे के अनुरूप खुद की रीब्रांडिंग कर रही है। कंपनी ने कहा, "नवभारत मेगा डेवलपर्स नाम विकास, बदलाव और उम्मीद के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता और रीब्रांडिंग एक्सरसाइज पर बेस्ड है। इसे कंपनी के बोर्ड और कॉरपोरेट मामलों मामलों के मंत्रालय की पुष्टि मिली है।"
DRPPL में अदाणी समूह की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, बाकी हिस्सेदारी महाराष्ट्र सरकार के पास थी। रीब्रांडिंग के बाद कंपनी की शेयरहोल्डिंग में बदलाव नहीं होगा। कंपनी के नाम में बदलाव से धारावी प्रोजेक्ट में सरकार की भूमिका या प्रोजेक्ट के मूल उद्देश्य में कोई बदलाव नहीं आया है।
बयान में कहा गया है कि यह बदलाव कंपनी के नए दृष्टिकोण और देश भर में झुग्गियों के पुनर्वास के विशाल और ऐतिहासिक कार्य से जुड़े लोगों या लाभार्थी सभी के लिए एक व्यापक और उज्जवल भविष्य बनाने के दायित्व को दर्शाता है। नवभारत यानि 'नया भारत' नाम, इस प्रोजेक्ट की उस विशाल क्षमता को दर्शाता है जो एक बेहतर कल को आकार देने वाली है। 'मेगा' शब्द, किए जा रहे काम के विशाल पैमाने और प्रभाव को उजागर करता है, जबकि 'डेवलपर्स' कंपनी की ओर से संपन्न समुदाय के निर्माण में निभाई जाने वाली भूमिका की ओर इशारा करता है।"
धारावी को एक शानदार शहरी केंद्र में बदलने का है प्लान
अदाणी की योजना 620 एकड़ में फैले स्लम एरिया धारावी को एक शानदार शहरी केंद्र में बदलने की है। मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के करीब घनी आबादी वाले इस स्लम एरिया में लगभग 10 लाख लोग खुले सीवर और साझा शौचालयों वाली जर्जर झुग्गियों में रहते हैं। धारावी को विश्व स्तरीय जिले में बदलने के लिए 3 अरब डॉलर के रीडेवलपमेंट के हिस्से के रूप में पात्र निवासियों को 350 वर्ग फुट तक के फ्लैट मुफ्त दिए जाएंगे।