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Economic Survey 2023: आर्थिक सर्वे में चेतावनी, इन वजहों से धीमा हो सकता है देश का एक्सपोर्ट

Economic Survey 2023: केंद्र सरकार ने मंगलवार 31 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे या आर्थिक सर्वे 2023 को पेश किया। आर्थिक सर्वे में चेतावनी दी गई है कि ग्लोबल लेवल पर आर्थिक मंदी की आशंका के चलते भारत का एक्सपोर्ट (निर्यात) धीमा हो सकता है। साथ ही ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट आने की भी आशंका जताई गई है

Curated By: Vikrant singhअपडेटेड Jan 31, 2023 पर 5:41 PM
Economic Survey 2023: आर्थिक सर्वे में चेतावनी, इन वजहों से धीमा हो सकता है देश का एक्सपोर्ट
Economic Survey 2023: बैंकों का क्रेडिट जनवरी 2022 से लगातार धीरे-धीरे बढ़ रहा है

Economic Survey 2023: केंद्र सरकार ने मंगलवार 31 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे या आर्थिक सर्वे 2023 को पेश किया। आर्थिक सर्वे में चेतावनी दी गई है कि ग्लोबल लेवल पर आर्थिक मंदी की आशंका के चलते भारत का एक्सपोर्ट (निर्यात) धीमा हो सकता है। सर्वे में चेतावनी देते हुए कहा गया है, "अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमोडिटी की अस्थिर कीमतें और कच्चे माल की सप्लाई में रुकावटों के चलते ग्लोबल लेवल पर नई बाधाएं देखने को मिल सकती है, जो हमारी इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर दबाव डाल सकते हैं।" साथ ही इसमें यह चेतावनी दी गई है कि चीन में कोरोना महामारी की वापसी से सप्लाई चेन में रुकावटें देखने को मिल सकता है।

हालांकि ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2023 के दौरान इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन बढ़ा है और इसे लगातार मांग में मजबूती बने रहने से मदद मिली। इसके अलावा सर्वे में यह भी कहा गया है कि इंडस्ट्रियल ग्रोथ के साथ-साथ इंडस्ट्री को दिए जाने वाले बैंकों के लोन या क्रेडिट की रफ्तार भी बढ़ी है।

बैंकों का क्रेडिट जनवरी 2022 से लगातार धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितताओं के वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही के दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) कम हुआ है। हालांकि यह अभी भी कोरोना महामारी के पहले के स्तर की तुलना में अधिक है।

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