अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए जारी बातचीत इस साल पूरी होने की उम्मीद है। 29 जनवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए आर्थिक सर्वे में यह बात कही गई। सर्वे के मुताबिक, भारत के लिए वैश्विक परिस्थितियां, व्यापक आर्थिक दबाव के बजाय बाहरी अनिश्चितताओं में तब्दील हो रही हैं। देश के प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर देशों में धीमी वृद्धि, टैरिफ के कारण ट्रेड में बाधा और कैपिटल के फ्लो में अस्थिरता समय-समय पर निर्यात और निवेशक धारणा पर असर डाल सकती है।
