FTX Fraud: एक साल पहले तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज रही FTX के फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्रॉयड (Sam Bankman-Fried) पर फर्जीवाड़े और षड्यंत्र के जितने भी चार्जेज लगे थे, उन सभी में उन्हें दोषी पाया गया है। पांच हफ्ते के ट्रॉयल के बाद न्यूयॉर्क ज्यूरी ने पाया कि FTX के फाउंडर और पूर्व चीफ एग्जेक्यूटिव सैम ने ग्राहकों और लेंडर्स के साथ फर्जीवाड़ा किया। हालांकि अभी इस मामले में फैसला नहीं सुनाया गया है और इसके लिए अंतरिम तारीख 28 मार्च 2024 तय की गई है। एक क्रिप्टो मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक जितने चार्जेज उन पर लगे हैं, उसके हिसाब से उन्हें अधिकतम 115 साल तक की जेल हो सकती है।
अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय अपराधों में शुमार
सैम पर जो सात चार्जेज लगे थे, उनमें दोषी करार दिए जाने के बाद जब अमेरिकी अटॉर्नी डेमियन विलियम्स ने कोर्ट के बाहर इसका खुलासा किया तो उन्होंने सैम के कारनामे को अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय अपराधों में शुमार किया। वहीं दूसरी तरफ सैम की तरफ से पेश अटॉर्नी मार्क कोहेन का कहना है कि सैम ज्यूरी के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन वह अपने निर्दोष होने के रुख पर कायम हैं और अपने ऊपर लगे चार्जेज के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि ज्यूरी के फैसले के खिलाफ अपील हो सकती है।
क्या है FTX Fraud का पूरा मामला
FTX के फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्रॉयड पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों और ग्राहकों के पैसो का इस्तेमाल अपने क्रिप्टो-फोकस्ड हेज फंड अलामेडा रिसर्च (Alameda Research) में निवेश के लिए किया। 31 वर्षीय सैम और उनके अटार्नी ने स्वीकार किया कि क्रिप्टो एक्सचेंज को चलाने में उन्होंने गलतियां की हैं लेकिन उनका ये भी कहना है कि उन्होंने इरादतन निवेशकों के साथ धोखाधड़ी नहीं की है। हालांकि कोर्ट में गवाहों ने कहा कि अलामेडा की गलत तरीके से फंडिंग के बारे में सैम को पूरी तरह से पता था। बता दें कि पिछले साल नवंबर 2022 में FTX ढह गया था और इसने दिवालिया होने के लिए आवेदन किया था।