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गन्ने के रस, शीरे से फिर बनाया जा सकेगा एथेनॉल, सरकार ने हटाई रोक लेकिन एक शर्त है लागू

प्रतिबंध को वापस लेने के बारे में उद्योग जगत से मिली मांगों पर गौर करने के बाद यह फैसला किया गया। एक सप्ताह पहले 7 दिसंबर को सरकार ने एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के रस और चीनी शीरे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था। अनुमान है कि चीनी सत्र 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) में देश का चीनी उत्पादन घटकर 3.2-3.3 करोड़ टन रह जाएगा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 16, 2023 पर 11:26 AM
गन्ने के रस, शीरे से फिर बनाया जा सकेगा एथेनॉल, सरकार ने हटाई रोक लेकिन एक शर्त है लागू
चालू आपूर्ति वर्ष में गन्ने के रस से पहले ही कुछ एथेनॉल बनाया जा चुका है।

देश में गन्ने के रस और चीनी शीरा से एथेनॉल (Ethanol) बनाने पर लगी रोक एक सप्ताह बाद ही हट गई। 15 दिसंबर को सरकार ने आपूर्ति वर्ष 2023-24 के लिए चीनी मिलों को एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के रस और बी-हैवी शीरा (चीनी सिरप) दोनों का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी। लेकिन इसके लिए दी जाने वाली चीनी की अधिकतम सीमा 17 लाख टन तय की गई है। एक सप्ताह पहले 7 दिसंबर को सरकार ने एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के रस और चीनी शीरे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन यह भी कहा था कि प्रतिबंध अस्थायी है। साथ ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से मिले मौजूदा प्रस्तावों के लिए एथेनॉल की आपूर्ति की अनुमति दी थी।

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा, ‘आपूर्ति वर्ष 2023-24 (नवंबर-अक्टूबर) में एथेनॉल उत्पादन के लिए 17 लाख टन चीनी की कुल सीमा के अंदर गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे दोनों का इस्तेमाल करने का विकल्प चीनी मिलों को दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि मंत्रियों की एक समिति ने शुक्रवार 15 दिसंबर को अपनी बैठक के दौरान यह फैसला लिया। मंत्रियों की समिति ने पिछले सप्ताह लगाए गए प्रतिबंध को वापस लेने के बारे में उद्योग जगत से मिली मांगों पर गौर करने के बाद यह फैसला किया।

चालू आपूर्ति वर्ष में गन्ने के रस से बना 6 लाख टन एथेनॉल

चोपड़ा ने आगे कहा कि एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे के अनुपात पर फैसला लेने के तौर-तरीकों पर काम हो रहा है। चालू आपूर्ति वर्ष में गन्ने के रस से पहले ही कुछ एथेनॉल बनाया जा चुका है। खाद्य मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पिछला आदेश जारी करने से पहले गन्ने के रस से लगभग 6 लाख टन एथेनॉल बनाया जा चुका था।

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