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अप्रैल में लागू हो सकता है भारत-UK मुक्त व्यापार समझौता, स्कॉच व्हिस्की और ब्रिटेन की कारें हो जाएंगी सस्ती

India-UK FTA: कॉम्प्रिहैन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट का मकसद 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच 56 अरब डॉलर के ट्रेड को दोगुना करना है। समझौते के तहत ब्रिटेन की स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ तुरंत 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जाएगा

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 15, 2026 पर 8:11 PM
अप्रैल में लागू हो सकता है भारत-UK मुक्त व्यापार समझौता, स्कॉच व्हिस्की और ब्रिटेन की कारें हो जाएंगी सस्ती
समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत प्रोडक्ट ब्रिटेन में जीरो ड्यूटी पर भेजे जा सकेंगे।

भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) के अप्रैल, 2026 में लागू होने की संभावना है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को कॉम्प्रिहैन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) साइन किया था। इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत प्रोडक्ट ब्रिटेन में जीरो ड्यूटी पर भेजे जा सकेंगे। वहीं भारत में ब्रिटेन से आने वाली कारों और व्हिस्की पर कम टैरिफ लगेगा।

अधिकारी का कहना है कि इस समझौते के अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है। दोनों देशों ने डबल कॉन्ट्रीब्यूशंस कनवेंशन (DCC) पर भी साइन किए हैं, ताकि अस्थायी कर्मचारियों को दोनों देशों में एक ही तरह के सामाजिक कर दोबारा न भरने पड़ें। अधिकारी के मुताबिक, दोनों समझौते एक साथ लागू किए जा सकते हैं। इस समझौते को लागू करने से पहले UK की संसद से मंजूरी लेनी होगी। भारत में यूनियन कैबिनेट ऐसे समझौतों को मंजूरी देती है। ब्रिटेन की संसद से मंजूरी मिलने के बाद, इसे आपसी सहमति से तय तारीख पर लागू किया जाएगा।

CETA की खास बातें

CETA का मकसद 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच 56 अरब डॉलर के ट्रेड को दोगुना करना है। समझौते के तहत भारत ने ब्रिटेन की चॉकलेट, बिस्किट और कॉस्मेटिक्स जैसे अलग-अलग कंज्यूमर गुड्स के लिए अपना मार्केट खोला है। वहीं उसे ब्रिटेन के मार्केट में अपने टेक्सटाइल, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, स्पोर्ट्स गुड्स और खिलौनों जैसे प्रोडक्ट्स के लिए ज्यादा एक्सेस मिलेगी।

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