भारत की इकोनॉमी दूसरे उभरते देशों के मुकाबले सबसे मजबूत, मॉर्गन स्टेनली के जोनाथन गार्नर ने खुलकर की तारीफ

मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत 2027 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और इस दशक के अंत तक तीसरा सबसे बड़ा शेयर बाजार होगा

अपडेटेड Nov 16, 2022 पर 5:08 PM
Story continues below Advertisement
जोनाथन गार्नर, मार्गन स्टैनली में एशिया और इमर्जिंग मार्केट इक्विटी स्ट्रैटजी के चीफ

कोरिया और ताइवान जैसे दूसरे एशियाई उभरते बाजारों की तुलना में भारत की वित्तीय स्थिति (Indian Economy) अधिक मजबूत और उम्मीदों से भरी हुई है। मार्गन स्टैनली (Morgan Stanley) में एशिया और इमर्जिंग मार्केट इक्विटी स्ट्रैटजी के चीफ, जोनाथन गार्नर (Jonathan Garner) ने हमारे सहयोगी न्यूज चैनल CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं। गार्नर ने कहा, ''भारत सबसे महंगे बाजारों में से एक है और वित्त वर्ष 2022 में यहां अच्छी अर्निंग ग्रोथ देखी गई है। हालांकि, वहीं कोरिया और ताइवान जैसी अर्थव्यवस्थाओं को सेमीकंडक्टर की कमी के कारण इस दौरान झटका लगा है।''

गार्नर के अनुसार, दूसरे उभरते देशों के मुकाबले भारत की इकोनॉमी बेहतर स्थिति है। साथ ही महंगाई में कमी और ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी को देखते हुए साल 2023 के लिए बाजार की नजरिया सकारात्मक है।

भारत में आर्थिक विकास का शुरू होगा नया युग: Morgan Stanley

मॉर्गन स्टेनली रिसर्च के एक हालिया ब्लूपेपर, विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले एनालिस्ट्स ने भारत में आर्थिक विकास के एक नए युग की उम्मीद की है जो आश्चर्यजनक परिवर्तन ला सकता है। इसमें ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग में भारत की हिस्सेदारी बढ़ना, कर्ज की उपलब्धता का विस्तार, नए बिजनेसों का बनना, लोगों के रहन-सहन के स्तर में सुधार और लोगों की क्रय शक्ति में उछाल आदि चीजें शामिल है।


यह भी पढ़ें- Multibagger Stocks : एक साल में 1 लाख रुपये बना दिए 8.40 लाख, अब इस शेयर पर Ashish Kacholia ने लगाया दांव

'2027 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ देगा भारत'

मॉर्गन स्टेनली की चीफ इक्विटी स्ट्रैटजिस्ट, रिधम देसाई ने कहा, "हमारा मानना है कि भारत 2027 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। साथ ही यह इस दशक के अंत तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा शेयर बाजार होगा।"

उन्होंने कहा, "इसी का नतीजा है कि भारत अब विश्व व्यवस्था में अधिक शक्ति हासिल कर रहा है। हमारी राय में ऐसे बड़े परिवर्तन पीढ़ी में एक बार होते हैं और कंपनियों व निवेशकों के लिए यह एक मौके का संकेत है।"

भारत में निवेश को लेकर मल्टीनेशनल कंपनियों में उत्साह

मॉर्गन स्टेनली के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि भारत में निवेश को लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों की राय अब तक के उच्च स्तर पर है। भारत की GDP में अभी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का हिस्सा 15.6 फीसदी है, जिसे साल 2031 तक बढ़कर 21 फीसदी तक जाने की उम्मीद है और इस दौरान भारत का एक्सपोर्ट मार्केट दोगुना हो सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।