आईफोन (iPhone) और मैकबुक (Macbook) जैसे एपल (Apple) के प्रोडक्ट्स का उत्पादन भारत में सात गुना तक इजाफा हो सकता है। ट्रेड मिनिस्टर पीयूष गोयल के मुताबिक एपल भारत में अपना उत्पादन बढ़ाकर 25 फीसदी तक करना चाहती है। अभी यह आंकड़ा 5-7 फीसदी है। एपल चीन से अपनी मैन्यूफैक्चरिंग किसी और देश में शिफ्ट करने की कोशिश में है जिसका फायदा भारत को मिल सकता है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने एक कांफ्रेंस के दौरान कहा कि एपल की चीन से निकलने की कोशिशों का फायदा भारत को मिलेगा। एपल इससे पहले अपने हालिया नए मॉडल को भारत से लॉन्च किया था और इसे भारत में बनाया गया था।
भारतीय उत्पादन के लक्ष्य को कब हासिल करेगी Apple
गोयल के मुताबिक एपल भारत में अपने उत्पादन लेवल को 5-7 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि एपल ने इस लक्ष्य को हासिल करने का समय कब तक का रखा है। देश के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को ट्वीट किया कि भारत से एपल का निर्यात दिसंबर में 100 करोड़ डॉलर का निर्यात किया।
भारत में 2017 से iPhone बना रही है कंपनी
एपल वर्ष 2017 से भारत में पार्ट्स जोड़कर आईफोन तैयार कर रही है। पहले यह काम विस्ट्रॉन कर रही थी लेकिन फिर इसे फॉक्सकॉन (Foxconn) ने संभाल लिया। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक फॉक्सकॉन की योजना अगले दो साल में भारत में स्थित आईफोन फैक्ट्री में एंप्लॉयीज की संख्या चार गुना तक बढ़ाने की है।
चीन में कोरोना के चलते लगाए गए लॉकडाउन और प्रतिबंधों, अमेरिका और चीन के बढ़ते कारोबारी और राजनीतिक तनाव के चलते एपल ने चीन के बाहर प्रोडक्शन को शिफ्ट करने का फैसला किया। जेपीमॉर्गन का अनुमान है कि वर्ष 2025 तक एपल के 25 फीसदी प्रोडक्ट्स चीन के बाहर बनेंगे जो अभी 5 फीसदी पर है।