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DeepSeek आपकी निजी बातचीत को भेज रहा चीन? ऐप डाउनलोड करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

DeepSeek के FAQ पेज पर दी गई जानकारी के मुताबिक यहऐप यूजर्स से जुड़ी कई जानकारियां उठाता है, जैसे कि प्रोफाइल जानकारी, चैट्स (आपके AI चैटबॉट से की गई बातचीत), पेमेंट जानकारी, IP एड्रेस, डिवाइस ID, और कुकीज। इन जानकारियों से यह ऐप आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करता है, विभिन्न प्लेटफॉर्म पर आपके डिवाइस को पहचान सकता है, और आपके इस्तेमाल के अनुसार डेटा जुटाता है

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jan 28, 2025 पर 6:46 PM
DeepSeek आपकी निजी बातचीत को भेज रहा चीन? ऐप डाउनलोड करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
DeepSeek का कहना है कि यूजर्स का डेटा चीन के सुरक्षित सर्वरों पर स्टोर किया जाता है

चीन के AI मॉडल 'डीपसीक (DeepSeek)' ने लॉन्च होते ही पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। हालांकि यह ऐप समय में लॉन्च हुआ है, जब चीन का एक और लोकप्रिय ऐप 'टिकटॉक' विलुप्त होने के कगार पर है। भारत ने इस ऐप को काफी पहले साल 2020 में ही बैन कर दिया था। वहीं अब अमेरिका में भी डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद इस ऐप को जल्द ही बैन होने की उम्मीद जताई जा रही है। टिकटॉक ऐप के बैन होने की पीछे की सबसे बड़ी वजह, डेटा की गोपनीयता रही।

हालांकि टिकटॉक के अधिकारियों ने लगातार चीन की सरकार के साथ डेटा शेयर करने के आरोपों से इनकार किया है। लेकिन इसके साथ ही यह भी सही है कि चीन की सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए कभी भी इन डेटा तक पहुंच सकती है। चीन के डेटा प्रोटेक्शन कानून (PIPL) के मुताबिक, वहां की कंपनी को जरूरत पड़ने पर अपने यूजर्स का डेटा सरकार को मुहैया करना अनिवार्य है और TikTok किसी भी तरह से अपने देश के कानूनों के खिलाफ नहीं जा सकता।

हालांकि ऐसा लगता है कि डेटा शेयरिंग के मामले में DeepSeek ऐप, टिकटॉक से भी आगे निकल गया है। यह ऐप यूजर्स की की निजी चैट्स को न सिर्फ इकट्ठा करता है, बल्कि इन्हें सीधे चीन के सर्वर पर स्टोर करता है।

भारत में फिलहाल DeepSeek के यूजर्स का कोई स्पष्ट डेटा अभी उपलब्ध नहीं है। लेकिन अमेरिका में यह काफी तेजी से लोकप्रिय हुआ है। लॉन्च होने के एक हफ्ते के अंदर ही यह ऐप स्टोर पर सबसे ज़्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बन गया। यहां तक कि इसने चैटजीपीटी (ChatGPT) को भी पीछे छोड़ दिया।

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