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Block Layoffs: Twitter के को-फाउंडर Jack Dorsey का बिग प्लान, ब्लॉक से 1100 एंप्लॉयीज की होगी छुट्टी!

Block Layoffs: एआई के इस दौर में हर तरफ एंप्लॉयीज की नौकरी पर तलवार लटक रही है। इन सबके बीच हाल ही में एमेजॉन में भारी-भरकम छंटनी का ऐलान हुआ था और अब ट्विटर (Twitter) के को-फाउंडर जैक डोर्सी की ब्लॉक (Block) में भी छंटनी की तैयारी चल रही है। जानिए एआई का इससे क्या कनेक्शन है और वित्तीय दिक्कतों का कितना?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 08, 2026 पर 11:04 AM
Block Layoffs: Twitter के को-फाउंडर Jack Dorsey का बिग प्लान, ब्लॉक से 1100 एंप्लॉयीज की होगी छुट्टी!
Block Layoff: ट्विटर (अब X) के को-फाउंडर और आंत्रप्रेन्योर जैक डोर्सी (Jack Dorsey ) की टेक कंपनी ब्लॉक इंक (Block Inc) में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी चल रही है।

Block Layoffs: ट्विटर (अब X) के को-फाउंडर और आंत्रप्रेन्योर जैक डोर्सी की टेक कंपनी ब्लॉक इंक (Block Inc) में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी चल रही है। कारोबारी ओवरहॉल के उद्देश्य से परफॉर्मेंस रिव्यू के दौरान कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज की संख्या में 10% तक कटौती करने की योजना बनाई है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्लॉक ने अपने सैकड़ों एंप्लॉयीज को इसकी जानकारी दे दी है कि एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू के दौरान उनकी नौकरियां जा सकती हैं। पिछले साल 2025 में नवंबर के आखिरी में कंपनी में लगभग 11,000 एंप्लॉयीज काम कर रहे थे यानी करीब 1100 की नौकरी पर तलवार लटक रही है।

Block Layoff: Jack Dorsey के ब्लॉक में पहले भी हो चुकी है छंटनी

जैक डोर्सी की ब्लॉक में करीब 10% एंप्लॉयीज की नौकरी पर तलवार लटकी है। इससे पहले मार्च 2025 में भी डोर्सी की ब्लॉक ने कथित तौर पर 931 एंप्लॉयीज की छंटनी की थी। छंटनी की यह तलवार स्क्वेयर, कैश ऐप और टाइडल (Tidal) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले एंप्लॉयीज पर चली थी। उस समय की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोर्सी ने एंप्लॉयीज को एक इंटर्नल ईमेल के जरिए इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि यह कदम न तो वित्तीय कारणों से उठाया गया है और न ही इसका उद्देश्य एंप्लॉयीज की जगह एआई को लाना है। उन्होंने कहा कि यह छंटनी कारोबार को आसान बनाने, परफॉरमेंस में सुधार करने और मैनेजमेंट की लेयर्स को कम करने की रणनीति के तौर पर की गई।

बता दें कि ब्लॉक की शुरुआत वर्ष 2009 में स्क्वेयर के रूप में हुई थी। पेमेंट प्रोसेसर से आगे बढ़ते हुए अब यह एक व्यापक फिनटेक बन चुकी है। अब यह पीयर-टू-पीयर ट्रांसफर, मर्चेंट सर्विसेज और कंज्यूमर लेंडिंग जैसी सर्विसेज भी देती है। चेवरॉन कॉर्प के करीब $5300 करोड़ में अधिग्रहण के बाद पिछले साल जुलाई में यह हेस कॉर्प की जगह एसएंडपी 500 में शामिल हुई थी।

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