जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group) के चेयरमैन और एमडी सज्जन जिंदल दिग्गज कार कंपनी एमजी मोटर इंडिया (MG Motor India) की 45 से 48 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। यह खुलासा एक मीडिया रिपोर्ट में हुआ है। अभी एमजी मोटर इंडिया की पूरी हिस्सेदारी SAIC Motor के पास है। अगर सज्जन जिंदल मेजारिटी हिस्सेदारी खरीदने में सफल होते हैं तो यह भारतीय कंपनी हो जाएगी क्योंकि डीलर्स और भारतीय एंप्लॉयीज के पास 5 से 8 फीसदी हिस्सेदारी होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाकी हिस्सेदारी SAIC के पास ही रहेगी। इस खरीदारी के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी भारतीयों के पास रहे और चाइनीज हिस्सेदारी अधिकतम 49 फीसदी पर आ जाए।
अहम समय में होने जा रहा यह सौदा
इस सौदे के जरिए कंपनी के टॉप मैनेजमेंट और बोर्ड में अधिक से अधिक भारतीय शामिल होंगे। यह खरीदारी ऐसे समय में होने जा रही है जब केंद्र सरकार ने चीन की स्मार्टफोन कंपनियों को भारतीय कारोबार के लिए भारतीय सीईओ (चीफ एग्जेक्यूटिव ऑफिसर), सीओओ (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर), सीएफओ (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) और सीटीओ (चीफ टेक्निकल ऑफिसर) बनाने को कहा है। इसके अलावा सरकार ने इन्हें भारतीय कांट्रैक्ट मैनुफैक्चरर्स नियुक्त करने और यहीं के डिस्ट्रीब्यूटर्स को हायर करने को कहा है। अभी चीन की कुछ मोबाइल कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री यहां चाइनीज डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए करती हैं।
JSW Group की लिस्टेड कंपनियों का सौदे से कोई मतलब नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक जेएसडब्ल्यू ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) और जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy) का इस सौदे से कोई मतलब नहीं है यानी कि एमजी मोटर में इसका कोई एक्सपोजर नहीं होगा। जेएसडब्ल्यू ग्रुप का कारोबार भारत समेत अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और अफ्रीका में स्टील, एनर्जी, इंफ्रा, सीमेंट और पेंट्स सेक्टर में फैला हुआ है। यह ओपी जिंदल ग्रुप का हिस्सा है।
वहीं एमजी मोटर इंडिया की बात करें तो यह शंघाई की ऑटो कंपनी SAIC Motor की सब्सिडियरी है। भारत में इसे 2017 में खोला गया था और फिर 2019 में इसने सेल्स और मैनुफैक्चरिंग शुरू किया था। इसका प्लांट गुजरात के हलोल में है।