Get App

सरकार मनरेगा पर खर्च बढ़ाने की समिति की सलाह नहीं मानेगी, जानिए क्या है प्लान

सरकार का मानना है कि वह रूरल जॉब गारंटी स्कीम 'मनरेगा' पर खर्च बढ़ाने की जगह इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा पैसे खर्च करना चाहेगी। सिन्हा कमेटी ने सरकार को मनरेगा पर खर्च बढ़ाने की सलाह दी थी। सरकार ने पिछले साल रूरल डेवलपमेंट सेक्रेटरी अमरजीत सिन्हा की अध्यक्षता में यह समिति बनाई थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 31, 2023 पर 12:10 PM
सरकार मनरेगा पर खर्च बढ़ाने की समिति की सलाह नहीं मानेगी, जानिए क्या है प्लान
सरकार ने मनरेगा से जुड़ा कानून 2005 में पारित किया था। इसके तहत सरकार की तरफ से हर ग्रामीण परिवार को एक फाइनेंशियल ईयर में 100 दिन मजदूरी की गारंटी दी जाती है।

फाइनेंस मिनिस्ट्री MGNREGA (मनरेगा) पर ज्यादा पैसे खर्च करने के लिए तैयार नहीं है। सरकार का मानना है कि वह महात्मा गांधी नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट पर खर्च बढ़ाने की जगह इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा पैसे खर्च करना चाहेगी। सिन्हा कमेटी ने सरकार को मनरेगा पर खर्च बढ़ाने की सलाह दी थी। सरकार के एक सीनियर अफसर ने मनीकंट्रोल को बताया कि मनरेगा के तहत मजदूरी बढ़ाने की जगह बुनियादी सुविधा पर खर्च बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कमेटी की सलाह मानने के लिए तैयार नहीं है।

पिछले साल सरकार ने बनाई थी सिन्हा समिति

सिन्हा कमेटी में 9 सदस्य हैं। इसके अध्यक्ष रूरल डेवलपमेंट सेक्रेटरी अमरजीत सिन्हा हैं। सरकार ने अक्टूबर 2022 में यह कमेटी बनाई थी। इसे रूरल जॉब गारंटी स्कीम को और प्रभावी बनाने को कहा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमेटी ने सरकार को इस स्कीम में बड़े बदलाव की सलाह दी थी। एंप्लॉयमेंट जेनरेशन को एसेट क्रिएशन से लिंक करने की सलाह दी गई थी। इस स्कीम के लिए बजट आवंटन बढ़ाने की सलाह भी कमेटी ने दी थी। उसने कहा था कि सरकार को हर पांच साल में इस स्कीम के तहत तय मजदूरी की समीक्षा करनी चाहिए।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें