मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री का मनोबल अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। यह बात इंडस्ट्री बॉडी ICEA ने कही है। दिल्ली के एक कोर्ट ने एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 13 अक्टूबर को Vivo के तीन एग्जीक्यूटिव्स और लावा इंटरनेशनल (Lava International) के फाउंडर हरि ओम राय की ED कस्टडी बढ़ा दी। इसके बाद ICEA की यह टिप्पणी आई है। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate or ED) ने चीन की कंपनी वीवो के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राय को गिरफ्तार किया है। ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिन्द्रू ने एक बयान में कहा, 'हम समझते हैं कि उद्योग का मनोबल अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है और कंपनियां बहुत हतोत्साहित महसूस कर रही हैं। हम उन्हें भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हमें भारत के रेगुलेटरी और ज्यूडिशियल सिस्टम पर पूरा भरोसा है। हमें यकीन है कि राय संकट के इन बादलों से उबरेंगे।'
ED ने पिछले साल जुलाई में वीवो और उससे जुड़े लोगों पर छापा मारा था। ED ने चीनी नागरिकों और कई भारतीय कंपनियों से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। ED ने तब आरोप लगाया था कि भारत में टैक्स के भुगतान से बचने के लिए वीवो द्वारा 62,476 करोड़ रुपये की भारी रकम अवैध रूप से चीन ट्रांसफर की गई।
नकारा नहीं जा सकता मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में राय का योगदान
ICEA ने कहा है कि राय भारत के सबसे बड़े और सबसे प्रेरणादायी बिजनेस लीडर्स में से एक हैं। मोहिन्द्रू के मुताबिक, 'भारत में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में भारी वृद्धि में उनके योगदान को सभी स्टेकहोल्डर्स ने अच्छी तरह से स्वीकार किया है, जिसके परिणामस्वरूप 10 लाख से अधिक नई नौकरियों के साथ 44 अरब अमेरिकी डालर का मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार हुआ है। राय ने सुनिश्चित किया कि लावा एक राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में जीवित रहे।'
फीचर फोन सेगमेंट में टॉप की कंपनी
लावा अकेली ऐसी भारतीय मोबाइल फोन कंपनी है, जो एग्रेसिव प्राइसिंग के साथ देश में चाइनीज डिवाइसेज की बड़ी तादाद के बाद भी बची हुई है। कंपनी के पास वर्तमान में स्मार्टफोन सेगमेंट में दो प्रतिशत से भी कम बाजार हिस्सेदारी है लेकिन उद्योग के अनुमान के अनुसार, फीचर फोन सेगमेंट में कंपनी लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है। इस महीने की शुरुआत में लावा ने कारोबार को लगभग 5 गुना बढ़ाने और 30,000 रुपये से कम के स्मार्टफोन सेगमेंट में 10 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के लिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मार्केटिंग में 600 करोड़ रुपये तक निवेश करने की योजना की घोषणा की थी।