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Nokia Layoffs: भारत में छंटनी के एक और राउंड की तैयारी, 20% कर्मचारियों की जा सकती है जॉब

Nokia Layoffs: चूंकि यह एक ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग है, इसलिए इसका असर हर क्षेत्र पर पड़ेगा। ऐसे में भारत भी इससे प्रभावित होगा। न केवल भारत का कारोबार, बल्कि कॉमन/ग्लोबल फंक्शंस सहित अलग-अलग सभी फंक्शंस पर इसका असर दिखेगा

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 27, 2026 पर 1:00 PM
Nokia Layoffs: भारत में छंटनी के एक और राउंड की तैयारी, 20% कर्मचारियों की जा सकती है जॉब
Nokia के CEO जस्टिन हॉटार्ड ने नवंबर 2025 में एक बड़े ढांचागत बदलाव की घोषणा की थी और कहा था कि इसे 2026 से लागू किया जाएगा।

नोकिया भारत में छंटनी के एक और राउंड की तैयारी में है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चला है कि कंपनी का अनुमान है कि वह समय के साथ अपने 74,100 कर्मचारियों की वैश्विक वर्कफोर्स में 20 प्रतिशत तक की कटौती करेगी। इंडिया यूनिट में भी इसी पैमाने पर जॉब कट होने की संभावना है। बदलावों के तहत समर मित्तल को इंडिया कंट्री बिजनेस लीडर के पद पर प्रमोट किया गया है। अब वह ग्राहकों से जुड़े पूरे पोर्टफोलियो की शुरू से आखिर तक निगरानी करेंगे। विभा मेहरा को इंडिया कंट्री मैनेजर के पद पर प्रमोट किया गया है।

ये प्रमोशन 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे। इसके साथ ही तरुण छाबड़ा ने इंडिया कंट्री हेड की भूमिका छोड़ दी है। Nokia के CEO जस्टिन हॉटार्ड ने नवंबर 2025 में एक बड़े ढांचागत बदलाव की घोषणा की थी और कहा था कि इसे 2026 से लागू किया जाएगा। इसके तहत कंपनी को दो मुख्य हिस्सों में बांटा जाएगा- नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर। मुख्य प्राथमिकताओं से बाहर के कारोबारों को संभावित विनिवेश या रिव्यू के लिए अलग से रखा गया है। यह कदम ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने और AI-बेस्ड उभरती मांग के अनुरूप ढलने के प्रयासों का हिस्सा है।

इससे पहले 2023 में पूर्व CEO पेक्का लुंडमार्क के नेतृत्व में Nokia को 3 कारोबारी समूहों में बांटा गया था- मोबाइल नेटवर्क्स (MN), नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर (NI), और क्लाउड एंड नेटवर्क सर्विसेज (CNS)। 2023 से पहले Nokia जिस स्ट्रक्चर के तहत काम करती थी, उसमें सेल्स टीमें ग्राहकों के साथ संबंधों को शुरू से आखिर तक (end-to-end) संभालती थीं। वर्टिकल मॉडल में बदलाव के दौरान इस स्ट्रक्चर को खत्म कर दिया गया, जिससे ग्राहक अनुभव, बिक्री और मार्केटिंग से जुड़े कई केंद्रीय पद भी समाप्त हो गए।

पुराने हॉरिजोंटल ढांचे पर वापस लौट रही है कंपनी

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