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Opendoor Layoffs: अमेरिकी कंपनी के 'डोर' भारत में बंद, कामकाज समेटा; 250 कर्मचारियों को निकाला

Opendoor Layoffs: कंपनी में सैम ऑल्टमैन, खोसला वेंचर्स, जनरल अटलांटिक, आंद्रेसेन होरोविट्ज और सॉफ्टबैंक विजन फंड जैसे बड़े निवेशकों का पैसा लगा हुआ है। ओपनडोर को उम्मीद है कि रीस्ट्रक्चरिंग के बाद उसकी वर्कफोर्स काफी छोटी होगी लेकिन प्रोडक्टिविटी ज्यादा होगी

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jun 11, 2026 पर 10:10 AM
Opendoor Layoffs: अमेरिकी कंपनी के 'डोर' भारत में बंद, कामकाज समेटा; 250 कर्मचारियों को निकाला
Opendoor 2020 में एक स्पेशल पर्पस एक्वीजीशन कंपनी के साथ विलय के जरिए पब्लिक हुई।

अमेरिका की प्रॉपटेक कंपनी ओपनडोर भारत में अपना कामकाज बंद कर रही है। इसके चलते यह लगभग 250 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है। वहीं कुछ प्रमुख कर्मचारियों को अमेरिका शिफ्ट कर रही है। यह जानकारी कंपनी के CEO काज़ नेजाटियन के एक नोट से मिली है। यह कदम "Opendoor 2.0" रणनीति के तहत रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) की कोशिशों का आखिरी चरण है। इस रणनीति का मकसद कामकाज को आसान बनाना, AI-बेस्ड वर्कफ्लो का इस्तेमाल बढ़ाना और ग्राहकों से जुड़े कामों को अपने मुख्य अमेरिकी बाजार के करीब लाना है।

नेजाटियन ने मेमो में कहा, "जब हमने कुछ महीने पहले Opendoor 2.0 को लॉन्च किया था, तब कंपनी के भारत में लगभग 250 कर्मचारी थे। पिछले कुछ महीनों में इनमें से कुछ नौकरियां वापस अमेरिका में शिफ्ट कर दी गई हैं। आज, हम इन रोल्स को अमेरिका में अपने ग्राहकों के करीब लाने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं और भारत में अपने कामकाज को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।"

ओपनडोर की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसके iBuying मॉडल में टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करके घर के मालिकों को इंस्टैंट कैश ऑफर दिए जाते थे, सीधे घर खरीदे जाते थे और फिर उन्हें दोबारा बेचा जाता था। कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घर गिरवी रखने और घर बेचने की सेवाएं भी देती है। यह अमेरिका के कई हाउसिंग मार्केट्स में काम करती है।

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