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Oracle Layoffs: एक ईमेल और 30000 लोगों की गई नौकरी, भारत में 12000 कर्मचारियों पर गिरी गाज

Oracle Layoffs: कंपनी में एक महीने के अंदर छंटनी का दूसरा दौर शुरू होने का भी अनुमान है। अमेरिका में काम करने वाले अधिकांश भारतीय कर्मचारी इस छंटनी से प्रभावित हुए हैं। सितंबर 2025 में ओरेकल ने भारत, अमेरिका, कनाडा और फिलीपींस में लगभग 3000 कर्मचारियों को निकाला था

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Apr 01, 2026 पर 9:10 AM
Oracle Layoffs: एक ईमेल और 30000 लोगों की गई नौकरी, भारत में 12000 कर्मचारियों पर गिरी गाज

अमेरिकी IT कंपनी ओरेकल (Oracle) ने वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। इस छंटनी का असर भारत में भी हुआ है। देश में लगभग 12,000 कर्मचारियों की नौकरी चली गई है। इतना ही नहीं कंपनी में एक महीने के अंदर छंटनी का दूसरा दौर शुरू होने का भी अनुमान है। ओरेकल के भारत में करीब 30,000 कर्मचारी हैं। प्रभावित कर्मचारियों के मुताबिक, कंपनी ने ईमेल के जरिये उन्हें बताया कि कुछ संगठनात्मक बदलाव हो रहे हैं। कहा गया, 'इन बदलावों के कारण कामकाज को सुव्यवस्थित करने का फैसला लिया गया है, और इसके चलते दुर्भाग्यवश जिस पद पर आप अभी काम कर रहे हैं, वह अनावश्यक हो जाएगा।'

ओरेकल ने भारत में अपने साथ एक साल पूरा कर चुके कर्मचारियों को 15 दिन का वेतन बोनस के रूप में देने की पेशकश की है। इसके अलावा, उन्हें सर्विस खत्म होने की तारीख यानि कि टर्मिनेशन डेट तक एक महीने की अनपेड सैलरी, लीव इनकैशमेंट, पात्रता के आधार पर ग्रेच्युटी और एक महीने के नोटिस पीरियड का पेमेंट भी मिलेगा। इसके अलावा अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों को ओरेकल 2 महीने की एक्स्ट्रा सैलरी भी दे रही है।

अमेरिका में निकाले गए ज्यादातर कर्मचारी भारतीय

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ओरेकल के पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर का कहना है कि अमेरिका में काम करने वाले अधिकांश भारतीय कर्मचारी इस छंटनी से प्रभावित हुए हैं। इसकी वजह है कि अमेरिका में स्थानीय श्रम कानून अमेरिकी नागरिकों की छंटनी के मामले में कड़े हैं। श्रीधर को पिछले साल सितंबर में भारत में 16 घंटे की वर्क शिफ्ट का विरोध करने के कारण कंपनी से निकाल दिया गया था। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में मार्च 2026 की शुरुआत में ही अंदेशा जताया था कि ओरेकल में हजारों नौकरियां जाने वाली हैं। कंपनी बड़े पैमाने पर AI डेटा सेंटर बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके चलते उसे कैश की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

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