भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने NBFC आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Arohan Financial Services Ltd) पर लगाए गए सुपरवायजरी प्रतिबंध हटा दिए हैं। RBI ने 17 अक्टूबर, 2024 को कोलकाता स्थित आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज को 21 अक्टूबर, 2024 से लोन सैंक्शन करने ओर डिस्बर्स करने से रोकने का निर्देश दिया था। आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज मुख्य रूप से आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं को लोन उपलब्ध कराती है।
कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, आरोहण का फ्लैगशिप लोन 3 से 5 महिलाओं के समूह के लिए है और इसकी ब्याज दर 24.25% है। लोन की सीमा 25,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये के बीच है और यह 24-30 महीने की अवधि के लिए होता है।
RBI ने 3 जनवरी 2025 को एक बयान में कहा कि प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कंपनी ने सुधारात्मक कार्रवाई शुरू की और अपने विभिन्न अनुपालन जमा किए। अब कंपनी के सबमिशंस के आधार पर संतुष्ट होने, कंपनी द्वारा संशोधित प्रक्रियाओं, सिस्टम्स को अपनाने और रेगुलेटरी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर लगाए गए प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला किया है।
वित्त वर्ष 2024 में मुनाफा 3.7 करोड़ डॉलर
आरोहण के निवेशकों में टीचर्स इंश्योरेंस एंड एन्युइटी एसोसिएशन ऑफ अमेरिका और डेनिश एसेट मैनेजर माज इनवेस्ट शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024 में आरोहण का शुद्ध मुनाफा लगभग 3.7 करोड़ डॉलर रहा था। अक्टूबर 2024 में, ब्लूमबर्ग ने बताया था कि RBI के प्रतिबंधों के बाद आरोहण ने अपना 20 करोड़ डॉलर क IPO को आगे के लिए टाल दिया।
RBI ने आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड और नवी फिनसर्व लिमिटेड पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए थे। हाल ही में नवी पर लगे प्रतिबंध हटा दिए गए।