M&A Funding: बैंकिंग और कॉरपोरेट क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हुई। RBI ने औपचारिक तौर पर अधिग्रहण के लिए बैंकों को लोन बांटने की मंजूरी दे दी है। पिछले साल अक्टूबर में जारी मसौदे पर फीडबैक हासिल करने के बाद कैपिटल मार्केट एक्सपोजर (CME) के नियमों को फाइनल किया गया है और अब इससे पहली बार स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत बैंकों को विलय और अधिग्रहण के लिए फंडिंग का रास्ता खुल गया है। नए नियम अगले वित्त वर्ष 2027 से लागू होंगे। इससे कॉरपोरेट वर्ल्ड में बड़ा बदलाव आ सकता है। अभी इसके लिए कंपनियों को NBFC, प्राइवेट क्रेडिट फंड्स और विदेशी लेंडर्स पर निर्भर रहना पड़ता है।
