भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चुनिंदा नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) से उनकी लोन बुक ग्रोथ पर विस्तार से जानकारी मांगी है। इससे पूरे सेक्टर की वित्तीय सेहत और संभावित क्रेडिट बबल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने इन कंपनियों से उनके बकाया लोन पोर्टफोलियो का पूरा डिटेल मांगा है, जिसमें लोन की कैटेगरी और उन पर लगने वाले ब्याज दरों का भी ब्योरा शामिल है। RBI ने जिन ब्याज दरों वाली कैटेगरी की समीक्षा करने का निर्देश दिया है, उनमें 10% से कम, 10-20%, 20-30%, 30-40%, 40-50%, और 50% से अधिक की ब्याज दरें शामिल हैं।
