FY24 में Reliance Industries ने राष्ट्रीय खजाने में दिया ₹1.86 लाख करोड़ का योगदान, FY23 के मुकाबले कितना ज्यादा

Reliance Industries के चेयरमैन और MD मुकेश अंबानी का कहना है कि पूंजीगत व्यय के पिछले दौर के बाद कंपनी ने अपने बही-खाते को मजबूत किया है और अब वह वृद्धि के अगले स्तर के लिए तैयार है। वित्त वर्ष 2024 में RIL की नेट वर्थ 11.1 प्रतिशत बढ़कर 7.43 लाख करोड़ हो गई। कंपनी की 47वीं AGM 29 अगस्त, 2024 को होने वाली है

अपडेटेड Aug 07, 2024 पर 5:15 PM
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यह लगातार छठा साल है, जब राष्ट्रीय खजाने में RIL का योगदान 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का वित्त वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय खजाने में योगदान 1.86 लाख करोड़ रुपये का रहा। यह एक साल पहले की तुलना में 5 प्रतिशत ज्यादा है। मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह ने 7 अगस्त को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। वित्त वर्ष 2023 में समूह का राष्ट्रीय खजाने में योगदान 1.77 लाख करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि यह लगातार छठा साल है, जब राष्ट्रीय खजाने में RIL का योगदान 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। वित्त वर्ष 2024 तक पिछले 7 वर्षों में RIL, राष्ट्रीय खजाने में कुल मिलाकर 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान कर चुकी है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में शुद्ध कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन (प्रोविजनल) 10.26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9.11 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे पहले के वित्त वर्ष में यह 8.26 लाख करोड़ रुपये था।

कितनी हुई नेट वर्थ


रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में उसकी कुल संपत्ति यानि नेट वर्थ 11.1 प्रतिशत बढ़कर 7.43 लाख करोड़ हो गई। बता दें कि वित्त वर्ष 2024 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ 7.3 प्रतिशत बढ़कर 79,020 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की 47वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) 29 अगस्त, 2024 को होने वाली है।

RIL की वार्षिक रिपोर्ट में कंपनी के रिटेल, डिजिटल सर्विसेज, O2C और E&P सहित विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स के प्रदर्शन पर अपडेट उपलब्ध कराया गया है। साथ ही ग्रीन एनर्जी सेक्टर में कंपनी की महत्वाकांक्षाओं पर रोशनी डाली गई है।

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RIL का बही-खाता मजबूत, ग्रोथ के अगले स्तर के लिए तैयार

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2024 में पूंजीगत व्यय में 7 प्रतिशत की कमी दर्ज की। खर्च पिछले वित्त वर्ष के 1.42 लाख करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2024 में 1.32 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी का कहना है कि पूंजीगत व्यय के पिछले दौर के बाद कंपनी ने अपने बही-खाते को मजबूत किया है और अब वह वृद्धि के अगले स्तर के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अस्थिरता और अनिश्चितता से भरी दुनिया में भारत स्थिरता और समृद्धि के प्रकाश-स्तंभ के तौर पर चमक रहा है।

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उन्होंने यह भी कहा, ‘‘वर्ष 2016 में जियो 4जी मोबाइल सेवाओं की शुरुआत ने डेटा के लिहाज से अंधकारपूर्ण भारत को डेटा-समृद्ध राष्ट्र में बदल दिया, जिससे हर भारतीय घर को किफायती, हाई स्पीड वाला 4जी डेटा मिलने लगा। इस साल जियो ने विश्व रिकॉर्ड समय में पूरे भारत में अपने ट्रू 5जी नेटवर्क को शुरू कर देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया है।’’ खुदरा कारोबार के बारे में उन्होंने कहा कि भारत के सबसे बड़े खुदरा विक्रेता के रूप में रिलायंस रिटेल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की खपत की जरूरतें पूरी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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