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SBI और HDFC Bank हुए और महत्वपूर्ण, RBI की इस सूची में ICICI Bank भी कायम

देश में तीन ऐसे बैंक हैं जिनके डूबने का खतरा नहीं उठाया जा सकता है यानी कि इन्हें कुछ हुआ तो सरकार खुद इन्हें बचाने की कोशिश करेगी। इस साल 2023 में भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), ICICI Bank और HDFC Bank ने अपनी अहमियत साबित की और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इन्हें 'टू बिग टू फेल' की श्रेणी में रखा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 28, 2023 पर 6:51 PM
SBI और HDFC Bank हुए और महत्वपूर्ण, RBI की इस सूची में ICICI Bank भी कायम
DSIBs के मामले में ICICI Bank के पोजिशन में बदलाव नहीं हुआ है लेकिन बाकी दोनों बैंक SBI और ICICI Bank का लेवल बढ़ा है यानी और हाई बकेट में चले गए हैं।

देश में तीन ऐसे बैंक हैं जिनके डूबने का खतरा नहीं उठाया जा सकता है यानी कि इन्हें कुछ हुआ तो सरकार खुद इन्हें बचाने की कोशिश करेगी। इस साल 2023 में भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), ICICI Bank और HDFC Bank ने अपनी अहमियत साबित की और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इन्हें 'टू बिग टू फेल' की श्रेणी में रखा। ये बैंक डोमेस्टिक सिस्टमैटिकली इंपोर्टेंट बैंक्स (D-SIBs) हैं यानी कि घरेलू सिस्टम के लिए अहम बैंक हैं। हालांकि अब अहम बदलाव ये हुआ है कि ICICI Bank के पोजिशन में बदलाव नहीं हुआ है लेकिन बाकी दोनों बैंक का लेवल बढ़ा है यानी और हाई बकेट में चले गए हैं। यह बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।

1 अप्रैल 2025 से क्या बदल जाएगा?

D-SIBs यानी घरेलू सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण बैंकों को एडीशनल कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET1) मेंटेन करना होता है। RBI के लेटेस्ट प्रेस रिलीज के मुताबिक एसबीआई को रिस्क-वेटेड एसेट्स के फीसदी के रूप में अतिरिक्त 0.80 फीसदी CET1 के रूप में रखना होगा। वहीं HDFC Bank को अतिरिक्त 0.40 फीसदी और ICICI Bank को अतिरिक्त 0.20 फीसदी मेंटेन करना होगा। हालांकि यह लेवल 1 अप्रैल 2025 से मेंटेन करना है। अभी SBI के लिए यह सरचार्ज 0.60 फीसदी और HDFC Bank के लिए 0.20 फीसदी है।

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