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Byju's के 1000 एंप्लॉयीज के लिए आई खुशखबरी, नवंबर की सैलरी का हुआ पेमेंट

इस साल नवंबर माह के आखिर में टेक इनवेस्टर और Byju's के टॉप इनवेस्टर्स में से एक Prosus ने Byju's में अपनी हिस्सेदारी की वैल्यू कम कर दी है। इसके चलते Byju's की वैल्यूएशन 3 अरब डॉलर से कम आंकी गई है। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने FEMA उल्लंघन मामले में Byju's की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड और फाउंडर बायजू रवींद्रन को कारण बताओ नोटिस भेजा था

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 04, 2023 पर 3:43 PM
Byju's के 1000 एंप्लॉयीज के लिए आई खुशखबरी, नवंबर की सैलरी का हुआ पेमेंट
स्टार्टअप Byju's कई मोर्चों पर परेशानियों से जूझ रहा है।

एडटेक स्टार्टअप Byju's में नवंबर के वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आई है। स्टार्टअप ने 4 दिसंबर को 1,000 कर्मचारियों के अकांउट में पेंडिंग पेमेंट को जमा कर दिया। यह जानकारी मनीकंट्रोल को सोर्सेज से मिली है। वर्तमान में, लगभग 14,000 कर्मचारी, Byju's की इंडिया एंटिटी के पेरोल पर हैं। Byju's ने पहले कहा था कि कंपनी सिस्टम से पेरोल सर्विस प्रोवाइडर सिस्टम पर डिटेल्स अपलोड करते समय एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण समस्या हुई है। इस समस्या को अब हल कर लिया गया है।

Byju's की ओर से कर्मचारियों के पेंडिंग वेतन का भुगतान ऐसे समय में हुआ है, जब स्टार्टअप कई मोर्चों पर परेशानियों से जूझ रहा है। Byju's को हाल ही में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों के फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में देरी करने के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा था। स्टार्टअप ने इस भुगतान की तारीख को सितंबर से बदलकर नवंबर कर दिया था।

हाल ही में इन परेशानियों से भी जूझा स्टार्टअप

इसके अलावा हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने FEMA उल्लंघन मामले में Byju's की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (Think and Learn Pvt Ltd.) और फाउंडर बायजू रवींद्रन को कारण बताओ नोटिस भेजा था। इस पर Byju's ने कहा कि ED के नोटिस का किसी वित्तीय गड़बड़ी से कोई लेनादेना नहीं है। यह नोटिस सिर्फ तकनीकी कारणों तक सीमित है, जिसमें सालाना रिपोर्ट को देर से जमा करना आदि शामिल है और इसका फॉरेन एक्सचेंज नियमों (FEMA) के उल्लंघन जैसी किसी भी वित्तीय गड़बड़ी से कोई वास्ता नहीं है। इतना ही नहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल ही में Byju's को भारतीय क्रिकेट टीम की स्पॉन्सरशिप से जुड़े बकाया पर विवाद को लेकर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में घसीटा था।

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