नकदी संकट से जूझ रही स्टार्टअप डंजो (Dunzo) ने कर्मचारियों से वादा किया है कि वह जून महीने से रोकी गई सैलरी को उन्हें 12% सालाना के ब्याज के साथ लौटाएगी। इसके साथ ही स्टार्टअप ने उन्हें भरोसा दिया कि वह 4 सितंबर तक अपने सभी बकाया चुकाने की राह पर है। डंजो ने इससे पहले 3 जुलाई को कर्मचारियों के साथ एक मीटिंग में कहा था वह इस समय में कैश की कमी की समस्या से जूझ रही है। इसलिए उसने करीब 500 कर्मचारियों की सैलरी रोक दी और जून से कर्मचारियों के सैलरी की अधिकतम सीमा 75,000 रुपये प्रति माह कर दी है, भले ही उनका सैलरी पैकेज कुछ भी हो।
Dunzo ने इससे पहले अपने सभी बकाया को चुकाने के लिए 20 जुलाई की समयसीमा दी था, लेकिन अब उसने एक ईमेल भेजकर समय सीमा को 4 सितंबर तक बढ़ा दिया गया।
डंजो की पेरोल टीम ने 27 जुलाई को कर्मचारियों को भेजे एक ईमेल में कहा, "“आपके धैर्य और लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद। हम इससे (वेतन में देरी) होने वाली असुविधा को समझते हैं और यह बताना चाहते हैं कि हम इस देरी के बदले संभावित सहायता मुहैया कराएंगे।" खबर लिखे जाने तक कंपनी ने मनीकंट्रोल के ईमेल से भेजे सवालों का जवाब नहीं दिया था।
ईमेल में कहा गया है, "12 प्रतिशत सालाना का ब्याज दिया जाएगा। जिस भी कर्मचारी की जून से सैलरी रोकी गई है, उन्हें भुगतान होने पर 4 जुलाई से 4 सितंबर तक दो महीने के लिए ब्याज मिलेगा।
12 प्रतिशत सालाना की ब्याज दर का मतलब प्रति माह 1 प्रतिशत की ब्याज दर है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 1 लाख रुपये महीने है और जून में Dunzo के फैसले के कारण अब उसे सिर्फ 75,000 रुपये मिल रहे हैं, तो उसे बाकी बचे 25,000 रुपये पर 12 प्रतिशत सालाना का ब्याज मिलेगा।
इस तरह जून के लिए कर्मचारी को आखिर भुगतान 25,500 रुपये होगा, जिसमें 25,000 रुपये मूलधन और 500 रुपये 2 महीने का ब्याज होगा।
हालांकि इस फैसले को Dunzo को उन कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर के तौर पर देखी जानी चाहिए, जिनकी सैलरी रोकी गई है। हालांकि कुछ कर्मचारी अभी भी डंजो की बकाया चुकाने की योजना को लेकर अनिश्चित है। कंपनी ने अभी वेंडर्स के बकाये का भुगतान नहीं किया है और अक्टूबर 2022 से उसने TDS की राशि जमा नहीं की है।