Vedantu ने फिर की 385 कर्मचारियों की छंटनी, इस साल अबतक 1,000 लोगों को नौकरी से निकाला

Vedantu Layoffs: यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर चुकी एडटेक स्टार्टअप वेदांतु (Vedantu) ने लागत घटाने के उपाय के तौर अपने 385 और कर्मचारियों की छंटनी की है। सबसे अधिक लोग कंटेंट, ह्यूमन रिसोर्स (HR) और सेल्स टीम से निकाले गए हैं

अपडेटेड Dec 07, 2022 पर 9:58 PM
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Vedantu ने अक्टूबर में करीब 329 करोड़ रुपये की एक डील में दीक्षा (Deeksha) की बहुमत हिस्सेदारी खरीदी थी

यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर चुकी एडटेक स्टार्टअप वेदांतु (Vedantu) ने लागत घटाने के उपाय के तौर अपने 385 और कर्मचारियों की छंटनी (Layoffs) की है। इसके साथ ही यह उन स्टार्टअप्स की बढ़ती लिस्ट में शामिल में हो गई, जो फंडिंग की कमी के बीच अपनी लागत घटाने और कर्च को रोकने के लिए आक्रामक रूप से छंटनी का सहारा ले रही है। वेदांतु में टाइबर ग्लोबल (Tiger Global) सहित कई बड़ी इनवेस्टमेंट फर्मों ने निवेश किया हुआ है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, Vedantu ने लगभग अपने सभी डिपार्टमेंट में कर्मचारियों की छंटनी की है। हालांकि कंटेंट, ह्यूमन रिसोर्स (HR) और सेल्स टीम के कर्मचारियों की संख्या इस छंटनी में सबसे अधिक है।

सूत्रों ने बताया कि वेदांतु (Vedantu) के कोर ऑनलाइन लर्निंग में ग्रोथ धीमी हुई है, जिसके उसके ऊपर दबाव बढ़ा है और उसे नौकरियों की संख्या में कटौती करनी पड़ी। वेदांतु इस साल में अब तक 1,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है। कंपनी ने इससे पहले करीब 620 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था और फिर अगस्त में एक बार और 100 कर्मचारियों की छंटनी की थी।

Vedantu के सीईओ और को-फाउंडर, वाम्सी कृष्णा ने मई में छंटनी के पीछे "आने वाली तिमाहियों में कम पूंजी की समस्या" का हवाला दिया था। कंपनी ने खबर लिखे जाने तक मनीकंट्रोल के भेजे सवालों का जवाब नहीं दिया था।


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एक सूत्र ने बताया, "Deeksha के अधिग्रहण के बाद, कंपनी को मुनाफे के अपने लक्ष्य पर बने रहने के लिए कई दूसरे खर्चों में कटौती करना पड़ा है।" एक दूसरे व्यक्ति ने बताया, "वेदांतु के पास करीब 18 महीनों का रनअवे है, लेकिन आप जानते हैं कि स्थितियां कितनी तेजी से बदलती है। कंपनी के कोर बिजनेस ग्रोथ में काफी सुस्ती आई है और हाइब्रिड सेगमेंट में विस्तार की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे में कंपनी को ऐसे फैसले लेने पड़े हैं।"

329 करोड़ में दीक्षा का किया था अधिग्रहण

Vedantu ने हाइब्रिड सेगमेंट में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए अक्टूबर में करीब 4 करोड़ डॉलर (करीब 329 करोड़ रुपये) की एक डील में दीक्षा (Deeksha) की बहुमत हिस्सेदारी खरीदी थी। फाउंडर कृष्णा ने उस वक्त मनीकंट्रोल से एक बातचीत में कहा था कि कंपनी को इस अधिग्रहण से तेजी से घाटने से निकलकर मुनाफे में आने में मदद मिलेगी। वेदांतु अपना IPO लाने की भी तैयारी कर रही है।

Vedantu के बारे में

वेदांतु को साल 2011 में वामसी कृष्णा, आनंद प्रकाश और पुलकित जैन ने मिलकर शुरू किया था। यह एक यूनिकॉर्न है। यूनिकॉर्न उन स्टार्टअप को कहते हैं जिनकी मार्केट वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से अधिक हो जाती है। वेदांतु केजी से 12वीं कक्षा तक के बच्चों, IIT-JEE और NEET के छात्रों को ऑनलाइन ट्यूशन मुहैया कराती है।

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