Walmart s startup PhonePe : वॉलमार्ट इंक की डिजिटल पेमेंट (digital payments) ब्रांड फोनपे जनरल अटलांटिक (General Atlantic) और टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट (Tiger Global Management), कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (Qatar Investment Authority) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft Corp) सहित मौजूदा इनवेस्टर्स से 1 अरब डॉलर जुटाने की योजना पर काम कर रही है। कुछ सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है। खास बात यह है कि स्टार्टअप्स के लिए प्राइवेट फंडिंग की तंगी के बीच कंपनी ऐसा करने जा रही है। सूत्रों ने कहा कि पूरी तरह इक्विटी आधारित यह राउंड अगले दो हफ्ते में पूरा होने का अनुमान है और इसमें PhonePe की वैल्यूएशन लगभग 13 अरब डॉलर आंकी जा सकती है।
सबसे वैल्यूएबल ब्रांड्स में शामिल हो सकती है फोनपे
Boston Consulting Group के डिजिटल पेमेंट मार्केट का साइज 2026 तक तिगुना होकर 10 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने के अनुमान के साथ फोनपे भारत के सबसे वैल्यूएबल ब्रांड्स में शामिल हो सकता है।
कंपनी फोनपे की पेरेंट एंटिटी फ्लिपकार्ट (Flipkart) में एक इनवेस्टर सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प के विजन फंड (Vision Fund) के साथ बातचीत कर रही है। हालांकि वॉलमार्ट में सबसे बड़ी इनवेस्टर बनी रहेगी। पोर्टफोलियो को हुए नुकसान के चलते सॉफ्टबैंक ने इस साल अपने निवेश में खासी कमी की है। फंड रेजिंग से जुड़ी ईमेल क्वेरीज पर फोनपे ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।
पेटीएम को छोड़ सकती है पीछे
इस नई वैल्यूएशन के साथ बेंगलुरू की कंपनी फोनपे, पेटीएम (Paytm) की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications Ltd) से आगे निकल जाएगी। वन97 कम्युनिकेशंस का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 4 अरब डॉलर रह गई है, जो पिछले साल शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद 70 फीसदी घट चुकी है। PhonePe, Paytm, Alphabet Inc की Google Pay और Amazon.com Inc की Amazon Pay के बीच कॉम्पिटीशन बढ़ता जा रहा है, वहीं कई अन्य स्टार्टअप्स भारत की तेजी से डिजिटल होती इकोनॉमी में कूदने के लिए तैयार हैं। SoftBank ने पेटीएम में भी निवेश किया है।