Startup Funding: कोरोना महामारी के बाद बहुत कुछ बदल चुका है। अब स्टार्टअप को भी फंडिंग मिलने में देरी हो रही है। कोरोना महामारी के दौरान जब कर्ज सस्ता था तो स्टार्टअप्स को बातचीत होने के दो से तीन हफ्ते में पैसे मिल जाते थे लेकिन 2023 में इसी काम में चार से पांच महीने लगे जा रहे हैं। हालांकि कुछ ऐसे भी हैं जो एक साल से लंबे समय से फंडिंग का इंतजार ही कर रहे हैं। जैसे कि वर्ष 2022 में बनी वेंचर कैपिटल (VC) फर्म स्फीतिकैप (SphitiCap) ने कुछ स्टार्टअप्स से डील की थी लेकिन 13 महीने बाद भी उन्हें पैसे मिले नहीं हैं।
