Supertech के चेयरमैन आरके अरोड़ा को हिरासत में लिया गया, पैसा जमा कराने के आश्वासन के बाद हुई रिहाई

बताया जा रहा है कि 33 करोड़ रुपये की आरसी जारी की गई है, जिसका भुगतान सुपरटेक ग्रुप में नहीं किया था। इसके बाद जिला प्रशासन की दादरी से तहसील ने यह कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा के खिलाफ यूपी रेरा में बहुत सारे केस चल रहे हैं

अपडेटेड May 09, 2023 पर 10:16 AM
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RK Arora की दो कंपनियों- सुपरटेक टाउनशिप और रियलटेक पर यूपी-रेरा का 30 करोड़ रुपये बकाया है

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष वर्मा के आदेश पर सोमवार को दादरी तहसील की टीम ने रियल्टी प्रमुख सुपरटेक ग्रुप के मालिक और चेयरमैन आरके अरोड़ा (RK Arora) को हिरासत में ले लिया। जेल भेजने की नौबत आने पर उन्होंने अपना पेमेंट प्लान जिला प्रशासन को सौंप दिया, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वह करीब दो घंटे तक हिरासत में रहे। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP-Rera) की तरफ से घर खरीदारों के पैसे रिकवरी को लेकर आरसी जारी की गई थी, जिसको लेकर जिला प्रशासन की तरफ से यह कदम उठाया गया है।

बताया जा रहा है कि 33 करोड़ रुपये की आरसी जारी की गई है, जिसका भुगतान सुपरटेक ग्रुप में नहीं किया था। इसके बाद जिला प्रशासन की दादरी से तहसील ने यह कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा के खिलाफ यूपी रेरा में बहुत सारे केस चल रहे हैं, जिनमें अब आरसी जारी होना शुरू हो गया है।

इसी कड़ी में जिला प्रशासन के दादरी तहसील में यह बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के आदेश पर सुपरटेक के एमडी आरके अरोड़ा को हिरासत में ले लिया गया था। जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद अरोड़ा ने भी पैसे जमा करवाए। उसने जिला प्रशासन के साथ 5 करोड़ का सेटलमेंट किया, तब उन्हें छोड़ा गया।


हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, अरोड़ा की दो कंपनियों- सुपरटेक टाउनशिप (Supertech Township) और रियलटेक (Realtech) पर यूपी-रेरा का 30 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका भुगतान उन होमबॉयर्स को किया जाना था, जिन्होंने प्रोजेक्ट्स में देरी के कारण रिफंड की मांग की थी। जिले के अधिकारियों ने कहा कि बार-बार रिकवरी नोटिस के बावजूद कंपनियां भुगतान करने में विफल रहीं, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

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दोनों की मूल कंपनी सुपरटेक लिमिटेड बैंकों को अपने कर्ज का भुगतान करने में विफल रहने के बाद कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया का सामना कर रही है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने एक अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया है, जो वर्तमान में मूल फर्म के कई अधूरे हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट के नियंत्रण में है।

एक अधिकारी ने बताया कि आरसी वसूली को लेकर जिला प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इस लिस्ट में 100 से अधिक बिल्डर्स शामिल हैं, उनके पांच अरब रुपये की वसूली करनी है। इसी अभियान के तहत सुपरटेक के मालिक पर एक्शन लिया गया है।

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