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Tata Trusts News: क्या टाटा ट्रस्ट्स में एक नई लड़ाई की जमीन हो रही है तैयार?

कुछ हफ्ते पहले मेहिल मिस्त्री ने ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया था। तब यह माना गया था कि इससे ट्रस्ट्स में चल रही खींचतान खत्म हो जाएगी। लेकिन, फिर से ट्रस्ट्स के अंदर नई तरह की खींचतान के संकेत दिख रहे हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Nov 17, 2025 पर 3:16 PM
Tata Trusts News: क्या टाटा ट्रस्ट्स में एक नई लड़ाई की जमीन हो रही है तैयार?
सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट दोनों टाटा संस के सबसे बड़े शेयरहोल्डर्स हैं।

टाटा ट्रस्ट्स की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ हफ्ते पहले मेहिल मिस्त्री ने ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया था। यह माना गया था कि इससे ट्रस्ट्स में चल रही खींचतान खत्म हो जाएगी। लेकिन, फिर से ट्रस्ट्ल में नया तनाव दिख रहा है। इस मसले से जुड़े लोगों ने इस बारे में बताया। नया टेंशन नेविल टाटा की नियुक्ति को लेकर है। नेविल टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के बेटे हैं। उन्हें हाल में सर रतन टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी नियुक्त किया गया था।

सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि शुरुआत में यह उम्मीद थी कि Neville Tata सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट दोनों में शामिल होंगे। ये दोनों ट्रस्ट टाटा संस के सबसे बड़े शेयरहोल्डर्स हैं। सर दोराबजी ट्रस्ट ने 11 नवंबर को तीन साल के लिए नेविल की नियुक्ति को मंजूरी दे दी थी। उसने टाटा समूह से लंबे समय से जु़ड़े भास्कर भट की नियुक्ति को भी मंजूरी दी थी। तब बतौर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन का कार्यकाल खत्म हो गया था। जब सर दोराबजी ट्रस्ट ने ये नियुक्तियां की, की तब वह (श्रीनिवासन) बोर्ड में शामिल नहीं थे।

हालांकि, जब सर रतन टाटा ट्रस्ट इस प्रस्ताव पर विचार के लिए बैठक की थी तब उन्होंने (श्रीनिवासन) ने इसका विरोध किया था। तब वह इसके ट्रस्टी थे। इस बारे में हुई बातचीत की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने प्रक्रिया से जुड़ी एक चिंता के बारे में अपनी बात कही थी। उनका कहना था कि नेविल टाटा की नियुक्ति का मामला पहले से इश्यू एजेंडा में शामिल नहीं है। इस वजह से 11 नवंबर को सर रतन टाटा ट्रस्ट की बैठक में इस मसले पर विचार नहीं हुआ। टाटा समूह से जुड़े ट्रस्ट्स की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि कई बार कुछ संवेदनशील मामले गोपनीयता के लिए 'अन्य मसलों' में शामिल होते हैं।

श्रीनिवासन की तरफ से नेविल टाटा की नियुक्त को लेकर प्रक्रिया से संबंधित जो चिंता जताई गई थी, उसके बारे में पहले मिंट ने 13 नंबर को खबर दी थी। यह मसला इसलिए अहम है, क्योंकि मेहिल मिस्त्री के इस्तीफे से पहले खींचतान के दौरान नोएल टाटा और वेणु श्रीनिवासन के बीच ज्यादातर मसलों पर सहमति दिखती थी। उधर, मेहिल को डेरियस खंबाटा, जहांगीर एचसी जहांगीर और परमित झावेरी का समर्थन हासिल था। तब मेहिल ने ट्रस्ट्स के अंदर जानकारियां साझा करने के तरीके पर सवाल उठाए थे।

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