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US ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगा 25% टैरिफ हटाया, अब केवल 18% रहेगी रेसिप्रोकल टैरिफ की दर

2022 में रूस और यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत डिस्काउंटेड रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया। लेकिन पश्चिमी देश इसके विरोध में हैं। उन्होंने रूस के एनर्जी सेक्टर पर प्रतिबंध लगाए हैं। उनका कहना है कि तेल से होने वाली कमाई रूस के युद्ध प्रयासों की फंडिंग में मदद करती है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 07, 2026 पर 4:38 PM
US ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगा 25% टैरिफ हटाया, अब केवल 18% रहेगी रेसिप्रोकल टैरिफ की दर
अमेरिका ने रूस से तेल की खरीद को लेकर सजा के तौर पर भारतीय सामानों के इंपोर्ट पर अगस्त 2025 में 25 प्रतिशत का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था।

अमेरिका ने कहा है कि भारत ने डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से रूस से कच्चे तेल का आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके कारण अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारतीय सामान पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ 7 फरवरी से हटा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की तरफ से जारी एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के मुताबिक, भारत ने अगले 10 सालों के लिए अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने के एक फ्रेमवर्क पर भी सहमति जताई है।

अमेरिका ने रूस से तेल की खरीद को लेकर सजा के तौर पर भारतीय सामानों के इंपोर्ट पर अगस्त 2025 में 25 प्रतिशत का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था। इसके बाद भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर टैरिफ की दर 25 प्रतिशत के रेसिप्रोकल टैरिफ को मिलाकर 50 प्रतिशत हो गई। अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन है। इसलिए भारतीय निर्यातकों को 50 प्रतिशत के टैरिफ से भारी नुकसान हुआ।

2022 में रूस और यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत डिस्काउंटेड रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया। लेकिन पश्चिमी देश इसके विरोध में हैं। उन्होंने रूस के एनर्जी सेक्टर पर प्रतिबंध लगाए हैं। उनका कहना है कि तेल से होने वाली कमाई रूस के युद्ध प्रयासों की फंडिंग में मदद करती है।

अंतरिम ​ट्रेड डील के तहत अब 18 प्रतिशत रहेगा रेसिप्रोकल टैरिफ

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