नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) मामले में ऑडिट फर्मों—डेलॉयट (Deloitte), बीएसआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी (BSR & Associates LLP) और एसआरबीसी एंड कंपनी एलएलपी (SRBC & Co. LLP) के खिलाफ कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दे दी है। इससे धोखाधड़ी के मामले में उनकी भूमिका की जांच का रास्ता साफ हो गया है। एनसीएलटी का कहना है कि इन्हें वॉचडॉग होने के चलते ही कार्रवाई के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता है। एनसीएलटी का यह फैसला कंपनीज एक्ट, 2013 के सेक्शन 339 के तहत चल रही कार्यवाही से जुड़ा है। यह मामला वर्ष 2018 में भारत सरकार की कंपनीज एक्ट, 2013 के सेक्शंस 241 और 242 के तहत शुरू की गई व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है, जो आईएलएंडएफएस और उसकी यूनिट्स में गवर्नेंस फेल्योर के बाद शुरू हुई थी।
