अगर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) से ऑर्डर लेकर जा रहा शख्स तेज स्पीड में गाड़ी चला रहा है तो अब आप इसकी शिकायत सीधे कंपनी से कर सकते हैं। आज 30 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) में कंपनी की सीईओ दीपिंदर गोयल ने कहा कि जोमैटो से ऑर्डर पहुंचाने वालों के बैग पर अब एक नंबर लिखा होगा। गोयल के मुताबिक इसका इस्तेमाल उनके खिलाफ शिकायत करने में किया जा सकता है, अगर वे तेज स्पीड में गाड़ी चला रहे हैं।
सीईओ गोयल ने सिर्फ राइडर सेफ्टी पर बोला
गोयल ने कहा कि जल्द ऑर्डर पहुंचाने पर राइडर्स को कुछ अतिरिक्त नहीं मिलता है और उन्हें यह भी नहीं पता होता है कि अनुमानित डिलीवरी टाइम क्या है। ऐसे में अगर वे तेज स्पीड से ड्राइव करके ऑर्डर पहुंचा रहे हैं तो यह उनका अपना फैसला है। आईपीओ लॉन्च होने के बाद यह कंपनी की पहली एजीएम थी और इसमें गोयल ने सिर्फ राइडर सेफ्टी पर टिप्पणी की। इसके बाद शेयरधारकों के सभी सवालों के जवाब कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अक्षांत गोयल ने दिए।
मुनाफा, शेयर प्राइस और अधिग्रहण पर सवाल-जवाब
एजीएम में बोलने के लिए 31 शेयरधारकों ने रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन इसमें से करीब 10 लोगों को ही कंपनी के मैनेजमेंट से सवाल पूछने का मौका मिल सका. सबसे अधिक सवाल जोमैटो के मुनाफे, शेयर भाव में गिरावट और क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट के अधिग्रहण से जुड़ा रहा. एक शेयरधारक ने पूछा, "प्लीज सोचिए शेयर प्राइस कैसे ऊपर जाएगा. कोई ऐसी न्यूज लाइए कि शेयर प्राइस बहुत ऊपर जाए। "
अधिकतर शेयरधारकों की शिकायत की थी कि उनकी निवेश पूंजी निगेटिव में है. इस पर अक्षांत गोयल ने कहा कि कुछ चीजें उनके नियंत्रण से बाहर हैं लेकिन मैनेजमेंट टॉप लाइन को बढ़ाने और मुनाफा बेहतर करने के लिए कठिन मेहनत कर रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि कंपनी का फूड डिलीवरी कारोबार अगली कुछ तिमाहियों में मुनाफे में आ जाएगा और कंपनी के स्तर पर 6 महीने से एक साल में ब्लिंकिट को छोड़कर ब्रेक-इवन की स्थिति आ जाएगी.
20% से अधिक डिस्काउंट पर हैं भाव
जोमैटो के शेयर 76 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले अभी 20 फीसदी से अधिक डिस्काउंट भाव पर हैं. इसका आईपीओ पिछले साल आया था और 66 फीसदी प्रीमियम भाव पर लिस्ट हुआ था. इसके भाव 169 रुपये के रिकॉर्ड भाव पर चले गए थे. हालांकि एंकर निवेशकों का 30 दिनों का लॉक-इन पीरियड समाप्त होने पर यह 8 फीसदी गिर गया था.