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Exclusive: CCI के चेयरमैन ने कहा, Competition (Amendment) Bill से इंडस्ट्री को डरने की जरूरत नहीं

CCI के चेयरमैन अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि डायरेक्टर जनरल (DG) के पास पहले से सर्च एंड सीजर एक्टिविटिज का आदेश देने का अधिकार है। कंपटिशन (अमेंडमेंट) बिल, 2022 से सिर्फ इतना बदलाव आया है कि अब सर्च एंड सीजर एक्टिविटीज के लिए कंपनीज एक्ट के रेफरेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 19, 2022 पर 9:56 AM
Exclusive: CCI के चेयरमैन ने कहा, Competition (Amendment) Bill से इंडस्ट्री को डरने की जरूरत नहीं
अमेंडमेंट बिल में Merger and Acquisition (M&A) के एप्रूवल की टाइम लिमिट को 210 से घटाकर 150 दिन कर दिया गया है।

सरकार ने Competition Commission of India (CCI) के अधिकार बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए Competition (Amendment) Bill, 2022 संसद में पेश किया गया है। सीसीआई के अधिकार बढ़ने से कंपनियों के बीच कुछ चिंता है। इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए मनीकंट्रोल ने CCI के चेयरमैन अशोक कुमार गुप्ता से बातचीत की। उन्होंने कंपटिशन एक्ट में संशोधन और उससे पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस संशोधन के फायदों के बारे में भी बताया।

गुप्ता ने सबसे पहले सीसीआई को मिले Search and Seizure पावर के बारे में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर जनरल (DG) के पास पहले से सर्च एंड सीजर एक्टिविटिज का आदेश देने का अधिकार है। कंपटिशन (अमेंडमेंट) बिल, 2022 से सिर्फ इतना बदलाव आया है कि अब सर्च एंड सीजर एक्टिविटीज के लिए कंपनीज एक्ट के रेफरेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इसलिए इंडस्ट्री को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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