Get App

त्योहारी सीजन में ₹40,000 तक क्यों पहुंच जाता है किराया, इंडिगो के CEO ने दिया जवाब

त्योहारी सीजन में हवाई किराया ₹40,000 तक क्यों पहुंचता है? इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) ने सफाई दी यह जानबूझकर शोषण नहीं, बल्कि मांग पर आधारित एल्गोरिदम का असर है। उन्होंने कहा कि किराया और खर्च में संतुलन जरूरी है, वरना एयरलाइंस टिक नहीं पाएंगी।

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 20, 2025 पर 9:40 PM
त्योहारी सीजन में ₹40,000 तक क्यों पहुंच जाता है किराया, इंडिगो के CEO ने दिया जवाब
दिवाली जैसे मौकों पर सरकार ने भी कहा कि विमानन कंपनियों को बेहिसाब किराया नहीं बढ़ाना चाहिए।

पिछले काफी समय से एयरलाइंस की आलोचना होती रही है कि वे त्योहारी सीजन के दौरान हवाई किराया काफी ज्यादा बढ़ा देती हैं। दिवाली जैसे मौकों पर सरकार ने भी कहा कि विमानन कंपनियों को बेहिसाब किराया नहीं बढ़ाना चाहिए। यही चीज महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के किराये में भी देखने को मिली। अब इंडिगो (IndiGo) के CEO पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) हवाई किराए पर बढ़ती सार्वजनिक आलोचना के बारे में खुलकर बात की।

एल्बर्स का कहना है कि ये ऊंचे किराए कुछ ही समय के लिए होते हैं, जो मुख्य रूप से मांग आधारित एल्गोरिदम के कारण होते हैं। इसके पीछे एयरलाइंस का मकसद जानबूझकर यात्रियों को शोषण करना नहीं होता।

हवाई किराये के बारे में क्या बोले एल्बर्स

एल्बर्स ने उदाहरण देते हुए कहा, "अगर किसी रूट पर एक टिकट ₹40,000 का है, तो यह असामान्य है और अस्थायी स्थिति होती है। कभी-कभी ये सिस्टम अपने आप कीमतों को बढ़ा देते हैं।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें