Wipro के एंप्लॉयीज की संख्या में लगातार छठी तिमाही गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों से यह जानकारी मिली है। साथ ही पिछला वित्त वर्ष लगातार दूसरा साल था, जब एंप्लॉयीज की संख्या में कमी आई। इसके बावजूद विप्रो की हायरिंग के लिए जल्द कैपेंसेज में जाने का प्लान नहीं है। कंपनी के चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज अफसर (CHRO) सौरव गोविल ने इस बारे में कहा कि कंपनी ने कोविड के बाद हायरिंग में जिन फ्रेशर्स को ऑफर लेटर्स दिए थे, उनमें से सबको अब तक ज्वाइन नहीं कराया गया है। उधर, आईटी सर्विसेज की डिमांड थोड़ी कमजोर है। ऐसे में विप्रो का प्लान अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना और उन एंप्लॉयीज का पूरा इस्तेमाल करना है, जो अब तक बेंच पर हैं।
