'उसे अपमानित किया जा रहा था': अश्विन के पिता का चौंकाने वाला दावा, कहा- बेटे को मजबूरी में संन्यास लेना पड़ा

Ashwin's retirement: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने के एक दिन बाद रविचंद्रन अश्विन गुरुवार (19 दिसंबर) को जब स्वदेश लौटे तो फूलों की पंखुड़ियों और बैंड बाजे के साथ उनका स्वागत किया गया। इसके बाद ऑफ स्पिनर ने कहा कि उन्हें अपने फैसले को लेकर किसी तरह का खेद नहीं है

अपडेटेड Dec 19, 2024 पर 1:40 PM
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Ashwin's retirement: अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के घोषणा करके सभी को चौंका दिया है

Ravichandran Ashwin retirement: भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने बुधवार (18 दिसंबर) को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन में बारिश से प्रभावित तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ छूटने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के घोषणा करके सभी को चौंका दिया था। अश्विन हालांकि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सहित क्लब क्रिकेट में खेलते रहेंगे। आईपीएल के अगले सत्र में वह चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह अनिल कुंबले के बाद भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 106 मैच में 537 विकेट लिए। कुंबले ने टेस्ट क्रिकेट में 619 विकेट लिए हैं।

अश्विन ने भारत के लिए 116 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 156 विकेट लिए, जबकि 65 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 72 विकेट हासिल किए। अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने करियर की शुरुआत 2010 में एक वनडे से की थी। इसके एक साल बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था।

पिता का सनसनीखेज आरोप


इस बीच, CNN News18 के साथ एक खास इंटरव्यू में अश्विन के पिता रविचंद्रन ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को लगातार अपमानित किया जा रहा था, जिसकी वजह से ही शायद उसने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही संन्यास की घोषणा कर दी। जब अश्विन के पिता को इस बारे में पता चला तो वे भी दूसरों की तरह हैरान रह गए। रविचंद्रन ने CNN News18 से कहा, "मुझे भी आखिरी मिनट में पता चला। मुझे नहीं पता कि उसके दिमाग में क्या चल रहा था। उसने बस घोषणा कर दी। मैंने भी इसे पूरी खुशी के साथ स्वीकार कर लिया। मुझे इस बात की बिल्कुल भी परवाह नहीं थी। लेकिन जिस तरह से उसने संन्यास लिया, उससे एक तरफ मैं बहुत खुश था, दूसरी तरफ खुश नहीं था क्योंकि उसे खेलना जारी रखना चाहिए था।"

रविचंद्रन अश्विन के भारतीय टीम से संन्यास लेने के पीछे का सटीक कारण तो नहीं बता पाए। लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि उनके शानदार रिकॉर्ड के बावजूद प्लेइंग इलेवन में नियमित जगह न मिलना उनके लिए अपमानजनक रहा होगा। पिता ने कहा, "(संन्यास लेना) उनकी (अश्विन की) इच्छा और चाहत है। मैं इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता, लेकिन जिस तरह से उन्होंने संन्यास लिया, उसके कई कारण हो सकते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "केवल अश्विन ही जानते हैं, शायद अपमान हुआ होगा।" दिलचस्प बात यह है कि भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बुधवार को कहा कि अश्विन कुछ समय से संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे, लेकिन उन्होंने ही स्टार क्रिकेटर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में होने वाले डे-नाइट टेस्ट तक इसे टालने के लिए राजी किया। हालांकि अश्विन का परिवार सदमे में था।

रविचंद्रन ने कहा, "निश्चित रूप से इसमें कोई संदेह नहीं है (परिवार के लिए भावनात्मक होना), क्योंकि वह 14-15 साल से मैदान पर था। अचानक हुए बदलाव (संन्यास) ने हमें वास्तव में एक तरह का झटका दिया। साथ ही, हम इसकी उम्मीद कर रहे थे क्योंकि अपमान हो रहा था। वह कब तक इन सब चीजों को बर्दाश्त कर सकता है? शायद उसने खुद ही फैसला कर लिया होगा।"

अश्विन ने क्या कहा?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने के एक दिन बाद रविचंद्रन अश्विन गुरुवार को जब स्वदेश लौटे तो चेन्नई में फूलों की पंखुड़ियों और बैंड बाजे के साथ उनका स्वागत किया गया। इसके बाद इस ऑफ स्पिनर ने कहा कि उन्हें अपने फैसले को लेकर किसी तरह का खेद नहीं है। अश्विन गुरुवार को तड़के चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे जहां राज्य क्रिकेट संघ के अधिकारी उन्हें बाहर लेकर आए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 765 विकेट लेने वाले इस 38 वर्षीय खिलाड़ी ने मीडियाकर्मियों से बात नहीं की। वह अपनी कार की तरफ चले गए जहां उनकी पत्नी और दोनों बेटियां उनका इंतजार कर रही थी।

घर पहुंचने पर उन्होंने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और फिर इंतजार कर रहे पत्रकारों से भी बात की। ब्रिस्बेन में तीसरे टेस्ट मैच के बाद संन्यास लेने की घोषणा करने वाले अश्विन ने कहा, "यह कई लोगों के लिए भावनात्मक हो सकता है और उन्हें इसे पचा पाने में थोड़ा समय लग सकता है लेकिन जहां तक मेरा सवाल है तो मेरे लिए यह बहुत राहत और संतुष्टि की बात है। मेरे लिए यह सहज फैसला था और पिछले कुछ समय से मैं इस पर विचार कर रहा था। मैच के चौथे दिन मुझे इसका एहसास हुआ और फिर मैंने इस फैसले की घोषणा कर दी।"

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उन्होंने आगे कहा, "जहां तक मेरी बात है तो मेरे लिए यह (संन्यास लेना) बहुत बड़ा फैसला नहीं था क्योंकि मैं अब एक नई डगर पर आगे बढ़ रहा हूं।" अश्विन जब घर पहुंचे तो उनके माता-पिता ने उन्हें गले लगा दिया। उन्हें फूल माला पहनाई गई। वहां मौजूद लोगों ने उनसे ऑटोग्राफ लिए और उन्हें शानदार करियर के लिए बधाई दी। अश्विन से पूछा गया क्या उन्हें इस बात का खेद है कि वह कभी राष्ट्रीय टीम की कप्तानी नहीं कर पाए तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

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