अग्निमंथा है सेहत के लिए रामबाण, डायबिटीज का होगा नाश, डॉक्टर ने बताया कैसे करें सेवन

Diabetes Treatment: देश में डायबिटीज से पीड़ित मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। गलत खानपान और खराब लाइफ स्टाइल की वजह से बहुत से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसे कंट्रोल करने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का भी सहारा ले सकते हैं। ऐसे ही ही अग्निमंथा डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी काल से कम नहीं है।

अपडेटेड May 01, 2024 पर 3:36 PM
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Agnimantha: पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, खाना न पचना और कब्ज रहने पर अग्निमंथा संजीवनी बूटी का काम करती है।

सनन्दन उपाध्याय

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। कब कौन सी बीमारी की चपेट में आ जाएं, इसका कोई भरोसा नहीं। इसके लिए आपको अपने खानपान और लाइफस्टाइल पर खास तौर से ध्यान देने की जरूरत है। अगर आप बीमारियों से बचे रहते हैं तो लंबी उम्र जी सकते हैं। आयुर्वेद (Ayurveda) में लंबी उम्र जीने के कई उपाय बताए गए हैं। ऐसे ही एक अग्निमंथा जड़ी बूटी है। यह सेहत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। इसके फायदे सुनकर हैरान रह जाएंगे। यह एक ऐसी जड़ी बूटी है, जो आपके लिए चलता-फिरता मेडिकल स्टोर है।

अग्निमंथा के बारे में चरक संहिता में विस्तार से जिक्र किया गया है। इसकी लकड़ी को रगड़ने पर चिंगारी निकलने लगती है। इसी कारण इसका नाम अग्निमंथा पड़ा। जैसे नाम से अग्निमंथा है वैसे ही इसके काम भी नहीं है। यानी यह कई बीमारियों का नाश कर सकती है। ये औषधि किसी अमृत से कम नहीं है।


डायबिटीज के लिए रामबाण है अग्निमंथा

सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की डॉ. प्रियंका सिंह ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि आयुर्वेद में अग्निमंथा को अमृत की तरह माना गया है। सिंह ने आगे बताया कि अग्निमंथा डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होती है। इसके सेवन से डायबिटीज से जैसी बीमारियों के लिए फायदेमंद है। इस जड़ी-बूटी का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए। वहीं जिन लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कतें हैं। इसमें गैस, खाना न पचना और कब्ज की समस्या होने पर अग्निमंथा संजीवनी बूटी की तरह काम करती है। अगर किसी को एनीमिया यानी खून की कमी हो तो उनके लिए भी अग्निमंथा फायदेमंद मानी गई है। किसी को सूजन है तो इसके जड़ को पीस कर लगाने से सूजन की समस्या तुरंत खत्म हो जाती है।

अग्निमंथा के सेवन से मोटापा भागेगा दूर

शीत पित्त की समस्या में इसकी जड़ का कल्प खिलाने से राहत मिलती है। वहीं अगर मोटापा से परेशान हैं तो इसकी पत्तियों को पीसकर उसका रस 3 से 5 ML पीना चाहिए। इससे मोटापे की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा यह श्वास रोग, टीबी, सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और संक्रमण रोकने में रामबाण सिद्ध होती है।

एक्सपर्ट्स की सलाह से करें इस्तेमाल

वैसे इस जड़ी-बूटी का का किसी मेडिसिन से डायरेक्शन नहीं होता है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। लेकिन इसका सेवन करते समय एक्सपर्ट्स की एक बार सलाह जरूर लें। उम्र के हिसाब से इसकी मात्रा तय की जाती है।

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