Diabetes: डायबिटीज में रामबाण है कटहल का आटा, शुगर लेवल करता है तेजी से कंट्रोल, जानें कैसे

Jackfruit Flour: लाइफस्टाइल और खान-पान की गलत आदतों के कारण डायबिटीज एक गंभीर समस्या बन सकती है, जिसके जानलेवा प्रभाव हो सकते हैं। इसे नियंत्रित रखने के लिए आहार में बदलाव बेहद जरूरी है। शोधों में पाया गया है कि सोयाबीन और कटहल के आटे का सेवन डायबिटीज के नियंत्रण में मददगार साबित हो सकता है

अपडेटेड Apr 17, 2025 पर 7:30 AM
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Jackfruit Flour: सोयाबीन के आटे में मौजूद लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स, प्रोटीन और फाइबर शरीर में इंसुलिन को संतुलित करने में मदद करता है।

बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण डायबिटीज आज एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है, जो अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। बच्चों, युवाओं और वयस्कों तक, हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। शरीर में इंसुलिन की गड़बड़ी से होने वाली ये बीमारी धीरे-धीरे कई अंगों को प्रभावित कर सकती है, जैसे आंखें, किडनी, दिल और नसें। डायबिटीज का असर धीरे-धीरे होता है, लेकिन अगर इसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए, तो ये जीवनशैली को पूरी तरह बदल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी रोकथाम और नियंत्रण के लिए सबसे जरूरी है– खानपान पर ध्यान देना।

विशेष रूप से आहार में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स, हाई फाइबर और कम कैलोरी वाली चीजों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। हाल ही में कुछ खास प्रकार के आटे, जैसे सोयाबीन और कटहल के आटे, को डायबिटीज कंट्रोल में कारगर पाया गया है।

आहार में सुधार से मिल सकती है राहत


स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि डायबिटीज को कंट्रोल करने का सबसे कारगर तरीका है– सही आहार। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स, कम कैलोरी और हाई फाइबर वाली चीजें डायबिटीज में बेहद फायदेमंद होती हैं।

आटे में बदलाव क्यों है जरूरी?

डायबिटीज में सिर्फ चीनी या मीठे पर रोक ही काफी नहीं, बल्कि रोज खाए जाने वाले आटे का चयन भी अहम होता है। कई शोधों में कुछ खास आटे डायबिटीज को कंट्रोल करने में कारगर पाए गए हैं।

सोयाबीन का आटा

सोयाबीन के आटे में मौजूद लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स, प्रोटीन और फाइबर शरीर में इंसुलिन को संतुलित करने में मदद करता है। ये हड्डियों को मजबूत करता है और मांसपेशियों के दर्द से राहत भी दिलाता है। मोटापे को घटाने और पेट लंबे समय तक भरा रखने में भी ये मददगार है।

एक्सपर्ट्स की राय

आहार विशेषज्ञों का कहना है कि सोयाबीन का आटा डायबिटीज मरीजों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। ये रोटी देर तक पेट भरने का एहसास देती है जिससे बार-बार खाने की जरूरत नहीं होती और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।

कटहल का आटा

हरे कटहल से बना आटा भी डायबिटीज में असरदार पाया गया है। ये ब्लड शुगर के साथ-साथ HbA1c को भी कंट्रोल करता है। इसका उपयोग टाइप-2 डायबिटीज वाले मरीजों के लिए बेहद लाभकारी हो सकता है।

शोध में साबित हुआ असर

12 हफ्तों तक चले एक अध्ययन में जब डायबिटीज रोगियों को कटहल के आटे से बने व्यंजन खिलाए गए, तो उनके ब्लड शुगर लेवल में संतुलन देखा गया। ये परिणाम अमेरिकी डायबिटीज एसोसिएशन के सम्मेलन में भी प्रस्तुत किए गए।

क्या करें?

अगर आप डायबिटीज से जूझ रहे हैं, तो गेहूं के आटे में सोयाबीन या कटहल का आटा मिलाकर रोटियां बना सकते हैं। लेकिन किसी भी बदलाव से पहले डाइटिशियन से सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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