इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसा स्वास्थ्य संकट है, जो धीरे-धीरे शरीर को टाइप-2 डायबिटीज की ओर धकेल सकता है, लेकिन कई लोग इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। ये स्थिति तब उत्पन्न होती है जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं। इंसुलिन का मुख्य कार्य होता है रक्त में मौजूद ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाना, जिससे हमें ऊर्जा मिलती है। लेकिन जब इंसुलिन अपना काम ठीक से नहीं कर पाता, तो खून में शुगर जमा होने लगती है। ये केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि मोटापा, हृदय रोग और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकती है।
