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Diabetes: डायबिटीज में पानी का कमाल, सही मात्रा से ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल, जानें कब और कितना पिएं

Diabetes Treatment: अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो अपने पानी पीने की आदतों में बदलाव जरूरी है। क्योंकि पानी इंसुलिन और शुगर मेटाबोलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे डायबिटीज के लक्षण बेहतर हो सकते हैं। आइए जानें कि डायबिटीज में पानी पीने का सही तरीका क्या है और इसे कैसे अपनाएं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 03, 2025 पर 8:06 AM
Diabetes: डायबिटीज में पानी का कमाल, सही मात्रा से ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल, जानें कब और कितना पिएं
Diabetes Treatment: जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो वेसोप्रेसिन हार्मोन अधिक बनने लगता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसा स्वास्थ्य संकट है, जो धीरे-धीरे शरीर को टाइप-2 डायबिटीज की ओर धकेल सकता है, लेकिन कई लोग इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। ये स्थिति तब उत्पन्न होती है जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं। इंसुलिन का मुख्य कार्य होता है रक्त में मौजूद ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाना, जिससे हमें ऊर्जा मिलती है। लेकिन जब इंसुलिन अपना काम ठीक से नहीं कर पाता, तो खून में शुगर जमा होने लगती है। ये केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि मोटापा, हृदय रोग और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

हैरानी की बात ये है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस की शुरुआत अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होती है, लेकिन सही समय पर पहचान और जीवनशैली में बदलाव लाकर इसे रोका जा सकता है। Hydration यानी सही मात्रा में पानी पीना इसमें अहम भूमिका निभा सकता है।

पानी और इंसुलिन का कनेक्शन

कई स्टडीज में ये पाया गया है कि अच्छी मात्रा में पानी पीना इंसुलिन की कार्यप्रणाली को बेहतर बना सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो वेसोप्रेसिन नामक हार्मोन बनता है जो ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है। इससे ब्लड शुगर नियंत्रण में मुश्किल होती है।

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