हर माता-पिता अपने बच्चे को अच्छी और सुकून भरी नींद देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते। मुलायम गद्दे, खूबसूरत बेडशीट और शांत माहौल सबकुछ पूरी तैयारी से किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस गद्दे पर आपका बच्चा चैन की नींद सो रहा है, वही उसकी सेहत के लिए एक अदृश्य खतरा बन सकता है? हाल ही में एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि बच्चों के बिस्तर में इस्तेमाल होने वाले गद्दे और बेडिंग से ऐसे खतरनाक केमिकल्स निकलते हैं, जो उनके हार्मोनल संतुलन और मानसिक विकास को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बच्चों के शरीर की गर्मी और हल्के वजन के कारण इन जहरीले तत्वों का रिसाव और भी तेज हो जाता है। अगर आप भी अपने बच्चे की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं, तो आपको ये जानना जरूरी है कि किस तरह का गद्दा आपके नन्हे की नींद को वाकई सुरक्षित बना सकता है।
रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
एक स्टडी में 6 महीने से 4 साल तक के बच्चों के 25 कमरों की हवा की जांच की गई। नतीजे चौंकाने वाले रहे — बच्चों के बिस्तर के आसपास की हवा में सबसे ज्यादा जहरीले केमिकल्स मिले। रिसर्च के मुताबिक बच्चों के शरीर की गर्मी और वजन के कारण गद्दों से इन खतरनाक केमिकल्स का रिसाव और बढ़ जाता है।
कौन-कौन से केमिकल हैं सबसे खतरनाक?
फ्थैलेट्स (Phthalates): प्लास्टिक को मुलायम बनाने वाले ये केमिकल्स हार्मोनल गड़बड़ी, समय से पहले यौवन और दिमागी विकास में बाधा जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
फ्लेम रिटार्डेंट्स (PBDEs और OPFRs): ये रसायन कैंसर, आईक्यू गिरने और विकास में बाधाएं पैदा कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये खतरनाक केमिकल्स केवल सस्ते गद्दों में नहीं, बल्कि महंगे ब्रांडेड गद्दों में भी पाए जा सकते हैं। मतलब, महंगा गद्दा लेना भी पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।
बच्चे के लिए सेफ गद्दा कैसे चुनें?
अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा सुरक्षित रहे, तो नेचुरल कॉटन यानी सूती गद्दे का चुनाव करें। ये गद्दे हाइपोएलर्जेनिक होते हैं और इनमें केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं होता। हालांकि, ये समय के साथ थोड़ा दब सकते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से ये बहुत सुरक्षित माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।