आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम दौड़ तो रहे हैं, लेकिन अपने दिल को अनजाने में थका रहे हैं। कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, वो डराने वाले हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इसका सबसे बड़ा कारण कोई वायरस या जेनेटिक समस्या नहीं, बल्कि हमारी थाली में परोसी जा रही चीजें हैं। अनहेल्दी फूड, ओवरईटिंग और प्रोसेस्ड खाने ने धीरे-धीरे दिल तक जाने वाली नसों को कमजोर कर दिया है। जब इन नसों में ब्लॉकेज बनने लगता है, तो हार्ट तक खून की सप्लाई कम हो जाती है और दिल खतरे में पड़ जाता है।
लेकिन अच्छी बात ये है कि सिर्फ खानपान में थोड़े से बदलाव लाकर, आप न सिर्फ दिल की बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि उसे मजबूत और सेहतमंद भी बना सकते हैं – वो भी दवा नहीं, सिर्फ सही खाना खाकर।
हम क्या खाते हैं, जितना खाते हैं, उतना ही जरूरी है कि कितनी मात्रा में खाते हैं। जब थाली भरकर खाना आदत बन जाए, तो ओवरईटिंग होना तय है। कोशिश करें कि छोटी थाली या कटोरी में खाएं और पेट भरने से थोड़ा पहले रुक जाएं। इससे ना केवल कैलोरी कम होंगी, बल्कि दिल को भी राहत मिलेगी।
फल और सब्जियां दिल की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। इनमें होते हैं विटामिन, मिनरल्स और ढेर सारा फाइबर, वो भी बेहद कम कैलोरी में। जब थाली रंग-बिरंगी सब्जियों से भरी हो, तो जंक फूड की जगह अपने आप कम हो जाती है।
साबुत अनाज यानी ब्राउन राइस, ओट्स, बाजरा, जौ जैसे विकल्प, न सिर्फ पेट भरते हैं बल्कि दिल को भी हेल्दी बनाए रखते हैं। इनमें मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल कम करता है और हाई ब्लड प्रेशर पर भी नियंत्रण रखता है।
हर फैट खराब नहीं होता। सैचुरेटेड और ट्रांस फैट जैसे तले-भुने खाने से बचें, लेकिन अखरोट, अलसी, जैतून का तेल जैसे हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करना दिल के लिए फायदेमंद होता है।
ज्यादा ऑयल में तले मांसाहारी विकल्पों से दूर रहें। उनकी जगह स्किनलेस चिकन, स्किम्ड मिल्क, दालें, बीन्स और चने जैसे प्रोटीन को चुनें। ये ना सिर्फ कम फैट वाले होते हैं बल्कि कोलेस्ट्रॉल फ्री भी होते हैं। प्लांट-बेस्ड प्रोटीन दिल की सेहत के लिए सबसे बेहतरीन माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।