आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में लोग सब कुछ पा लेते हैं—करियर, पैसा, सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स—लेकिन फिर भी खुद को अकेला महसूस करते हैं। यही अकेलापन अब सिर्फ मानसिक नहीं, शारीरिक बीमारियों की जड़ भी बन रहा है। रिसर्च बताती है कि जो लोग खुद को सामाजिक रूप से कटा हुआ या इमोशनली अलग-थलग महसूस करते हैं, उनमें डायबिटीज का खतरा कहीं ज्यादा होता है। जी हां, वो भावना जो किसी को समझने वाला न मिले, जब दिनभर कोई बात करने वाला न हो—वो चुपचाप शरीर को अंदर से कमजोर कर सकती है।
