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Diabetes: साइलेंट किलर है ये फीलिंग, जो धीरे-धीरे बढ़ा रही है डायबिटीज का खतरा, रिसर्च में खुलासा

Diabetes: डायबिटीज का रिश्ता सिर्फ मीठे या मोटापे से नहीं, अकेलेपन से भी हो सकता है! हालिया स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भावनात्मक दूरी और अकेलापन आपकी ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। क्या आपका शांत अकेलापन धीरे-धीरे आपके शरीर के लिए खतरा बन रहा है? जवाब आपको चौंका सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 16, 2025 पर 7:30 AM
Diabetes: साइलेंट किलर है ये फीलिंग, जो धीरे-धीरे बढ़ा रही है डायबिटीज का खतरा, रिसर्च में खुलासा
Diabetes: अगर अकेलापन गहराता जा रहा है, तो बिना झिझक किसी काउंसलर या मनोचिकित्सक से संपर्क करें।

आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में लोग सब कुछ पा लेते हैं—करियर, पैसा, सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स—लेकिन फिर भी खुद को अकेला महसूस करते हैं। यही अकेलापन अब सिर्फ मानसिक नहीं, शारीरिक बीमारियों की जड़ भी बन रहा है। रिसर्च बताती है कि जो लोग खुद को सामाजिक रूप से कटा हुआ या इमोशनली अलग-थलग महसूस करते हैं, उनमें डायबिटीज का खतरा कहीं ज्यादा होता है। जी हां, वो भावना जो किसी को समझने वाला न मिले, जब दिनभर कोई बात करने वाला न हो—वो चुपचाप शरीर को अंदर से कमजोर कर सकती है।

तनाव, खराब नींद, गलत खानपान और निष्क्रिय दिनचर्या—ये सब अकेलेपन की वजह से आते हैं और धीरे-धीरे ब्लड शुगर को बिगाड़ने लगते हैं। ऐसे में सेहत को संभालना सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज तक सीमित नहीं रह गया है, अब ज़रूरत है रिश्तों, बातचीत और साथ की—जो अंदरूनी सेहत को मजबूत रख सके।

क्या कहती है रिसर्च?

ENDO 2025 में पेश की गई एक स्टडी में बताया गया कि जो लोग अकेलेपन का अनुभव करते हैं, उनमें टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना 34% ज्यादा होती है। University of Western Ontario के वैज्ञानिकों ने 50 साल से ऊपर के 4,000 लोगों को स्टडी में शामिल किया। जिस में ये पाया गया कि जो लोग खुद को समाज से कटा हुआ महसूस करते हैं, वे न केवल डायबिटीज के रिस्क में होते हैं, बल्कि जिन्हें पहले से डायबिटीज है, उनमें ब्लड शुगर कंट्रोल करने में 75% ज्यादा परेशानी पाई गई।

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