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Pyorrhea: 500 रुपये में 50 ग्राम मिलेगा यह पाउडर, दांतों में आएगी सफेदी की झंकार, पायरिया का मिट जाएगा नामो निशान

Pyorrhea Treatment: मसूड़ों की बीमारी को आमतौर पर पायरिया कहते हैं। इसमें जबड़े और मसूड़ों की हड्डी को नुकसान होता है। इसके इलाज के लिए झारखंड के रांची से सैकड़ों किलोमीटर दूर एक शख्स पाउडर बनाते हैं। इस पाउडर को लौंग का नमक कहते हैं। इस लौंग के नमक को वो आयुर्वेदिक तरीके से बनाते हैं। यह पाउडर दांतों की बीमारी के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 16, 2024 पर 2:56 PM
Pyorrhea: 500 रुपये में 50 ग्राम मिलेगा यह पाउडर, दांतों में आएगी सफेदी की झंकार, पायरिया का मिट जाएगा नामो निशान
Pyorrhea Treatment: पायरिया, दांतों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जिसमें सांस से बदबू आती है और मसूडों से खून आने लगता है।

जिन लोगों को पायरिया होता है। उनमें दांतों से जुड़ी कई सारी समस्याएं होने लगती हैं। जैसे ब्रश करने पर दांतों से खून निकलना, मुंह से बदबू आना, दांतों पर प्लाक जम जाना और फिर दांतों में कीड़े लगना। पायरिया या पीरियोडोंटाइटिस मसूड़ों का गंभीर संक्रमण है, जो लोगों के बीच काफी सामान्य है। दुनिया में 90 फीसदी लोग पायरिया से जूझ रहे हैं, लेकिन समस्या ये है कि लोगों को इसके इलाज की बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे ही पायरिया के इलाज के लिए झारखंड के रांची से सैकड़ों किलोमीटर दूर एक शख्स पाउडर बनाते है। इस पाउडर को लौंग का नमक कहा गया है।

पायरिया के मरीजों के लिए यह पाउडर किसी रामबाण से कम नहीं है। आयुर्वेदिक के जानकार शिव कुमार पांडे रांची से 165 किमी दूर पलामू जिले के रहने वाले हैं। वो पिछले कई साल लौंग का नमक बना रहे हैं। इसके साथ ही सभी तरह के तेल और नमक बनाते हैं। हाल हीं में उन्होंने लौंग का नमक तैयार किया है। यह नमक दांतो और खांसी के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है।

आयुर्वेद तरीके से बनाते हैं नमक

लोकल 18 से बातचीत करते हुए शिवकुमार पांडे ने बताया कि आयुर्वेदिक तरीके से सभी तरह के नमक बनाए जाते थे। लेकिन कंपनियां मौजूदा समय में इस तरह का नमक नहीं बनाती हैं। इसकी वजह ये है कि ऐसा नमक बनाने में कड़ी मेहनत की जरूरत रहती है। कंपनिया लौंग को पीसकर नमक मिला देती है। लौंग के नमक के नाम पर बेचा जाता है। लेकिन इसे लौंग का नमक नहीं कहा जाता है। इसे नमकीन लौंग कहते हैं। लौंग के नमक में 100 फीसदी नमक होना बेहद जरूरी है। पांडे ने बताया कि लौंग का नमक बनाने में लंबा समय लगता है। दो महीने तक लगातार प्रक्रिया से लौंग और सेंधा नमक के इस्तेमाल से इसे बनाया जाता है। जिसके बाद 100% शुद्ध लौंग का नमक तैयार होता है। इस नमक में ही लौंग के गुण होते हैं।

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