केंद्र सरकार द्वारा एक ओर डिजिटल लेन-देन को प्राथमिकता दी जारी है दूसरी तरफ ऑनलाइन हैंकिंग और फ्रॉड की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। इसकी वजह से ग्राहकों की नींद हराम हो रही है। कई ग्राहक शर्म और बदनामी के डर से ऐसी घटनाओं की शिकायत भी नहीं करते हैं। जिसकी वजह से उनके खाते से निकाली गई रकम ग्राहकों को वापस देना बैंक के लिए संभव नहीं होता है।
