विदेशी वकील और विदेशी कानूनी फर्म अब यहां भी लॉ प्रैक्टिस कर सकेंगी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) इस बात के लिए राजी हो गया है। वकीलों की संवैधानिक बॉडी बीसीआई ने देश में इनके रजिस्ट्रेशन के नियमों को जारी कर दिया है। Bar Council of India के इस फैसले के बाद अब विदेशी वकील और लॉ फर्म यहां इंटरनेशनल लॉ और इंटरनेशनल ऑर्बिट्रेशन से जुड़े मामले देख सकेंगे। बीसीआई की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ये नियम अदला-बदली के सिद्धांत (Principle of Reciprocity) पर आधारित हैं।
भारतीय वकीलों को भी होगा फायदा
बार काउंसिल ने नोटिफिकेशन में कहा कि विदेशी कानून की प्रैक्टिस के साथ-साथ नॉन-लिटिजस मैटर्स में इंटरनेशनल लीगल इश्यूज और इंटरनेशनल ऑर्बिट्रेशन से जुड़े मामलों में विदेशी वकीलों को भारत में लॉ प्रैक्टिस की मंजूरी है। बीसीआई के मुताबिक इससे भारत में कानूनी पेशे को मजबूती मिलेगी और यह भारतीय वकीलों के लिए भी फायदेमंद होगा। बीसीआई का दावा है कि इस फैसले से भारत में लॉ प्रैक्टिस पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि इसे पूरी तरह से नियमों के दायरे में लागू किया जाएगा।
पहले विरोध में थी Bar Council of India
बार काउंसिल ने विदेशी वकीलों और विदेशी लॉ फर्मों को भारत में कानूनी मामले लेने की अनुमति दे दी है। हालांकि पहले यह इसके खिलाफ थी। बीसीआई का इरादा इन्हें भारत में किसी भी रूप में एंट्री देने का नहीं था। हालांकि 2007-2014 के दौरान बीसीआई, सभी राज्यों के बार काउंसिल और बाकी स्टेकहोल्डर्स के जॉइंट कंसल्टेटिव कांफ्रेंसों में इसकी संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद अब इन्हें मंजूरी मिल ही गई।